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वायरल बु’खार और कोरोना से निपटेंगे 67 डॉक्टर:मुजफ्फरपुर में 16 प्रखंडों के PHC और CHC में MBBS डॉक्टर भेजे जाएंगे

कोरोना की संभावित तीसरी लहर और वायरल बुखार से निपटने के लिए 67 MBBS डॉक्टरों की टीम तैयार की जा रही है। इन सभी को मुजफ्फरपुर जिले के सभी 16 प्रखंडों के PHC, CHC और APHC में प्रतिनियुक्त किया जाएगा। इसमे से 12 से अधिक डॉक्टरों ने जॉइन कर लिया है। इसके अलावा नर्सों का जो पूर्व से घोषित पद है, वहां पर भी प्रतिनियुक्ति की बात कही गयी है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए रिक्त पदों पर तत्काल बहाली के आदेश दिया था। इसी के आलोक में MBBS डॉक्टरों की प्रति प्रतिनियुक्ति की जा रही है।

बता दें अभी बिहार में तीसरी लहर नहीं दिख रही है। हालांकि, वायरल बुखार और वायरल ब्रोंकाइटिस्ट ने कहर मचा रखा है। ग्रामीण इलाकों से अधिक बच्चे बीमार होकर आ रहे हैं। फिलहाल ये डॉक्टर इस बीमारी से निपटने में सहयोग करेंगे।

PHC में भेजी गई दवा और जांच उपकरण
सिविल सर्जन डॉ. विनय शर्मा ने बताया कि जिले की विभिन्न PHC में दवा और जांच उपकरण भेज दिया गया है। वायरल बुखार वाले जो मरीज आएंगे। उनका PHC में ही प्रारम्भिक उपचार किया जाएगा। आशा के माध्यम से घर-घर जाकर वायरल बुखार की जांच भी की जा रही है। सभी जगहों पर डॉक्टर और ANM को तैनात किया गया है। पल-पल की गतिविधि पर नज़र रखते हुए रिपोर्ट का अपडेट लिया जा रहा है।

JE मरीज की हालत नाजुक
SKMCH में भर्ती जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज की हालत नाजुक बनी हुई है। वह पश्चिम चंपारण के रामनगर का रहने वाला 11 साल का प्रदीप कुमार है। पहले उसका इलाज बेतिया मेडिकल में हुआ था। लेकिन, स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे SKMCH रेफर कर दिया गया था। उसका वेंटिलेटर पर इलाज़ चल रहा है।

MCH में शुरू हुआ इलाज
सदर अस्पताल में बंद पड़े MCH (मातृ-शिशु वार्ड) को चालू कर दिया गया है। विगत दो सप्ताह से मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी ही रही थी। इसे देखते हुए आननफानन में इलाज़ शुरू कर दिया गया। पहले दिन वायरल बुखार से ग्रसित छह बच्चों को इसमे भर्ती किया गया है। सिविल सर्जन ने खुद निरीक्षण किया। उन्होंने शिशु रोग विशेषज्ञ को सख्त हिदायत दी कि इलाज के लिए आए मरीजों के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। महिलाओं का प्रसव भी होना चाहिए। उन्हें रेफर करने के पहले SKMCH के महिला या शिशु रोग विभागाध्यक्ष से मोबाइल पर बात कर लें। उनके निर्देशानुसार ही मरीजों को रेफर करें।

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