नई दिल्ली. किसानों के नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को फिर तेज करने के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक (Cabinet Meeting) में आज किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए फैसला लिया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गेहूं, चना, मसूर, सरसों समेत रबी की 6 फसलों (Rabi Crops) का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने (MSP Hike) का निर्णय लिया गया है. नया एमएसपी रबी की फसलों के मार्केटिंग सीजन 2022-23 (RMS 2023) के लिए लागू होंगे. आइए जानते हैं कि केंद्रीय कैबिनेट ने किस फसल के लिए कितना एमएसपी बढ़ाया है.
सरकार ने किस उत्पाद पर कितना बढ़ाया एमएसपी
कैबिनेट ने विपणन वर्ष 2022-23 के लिए गेहूं के एमएसपी में 40 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा कर 2015 रुपये कर दिया है. इसके अलावा चने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 130 रुपये की बढ़ोतरी कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी तिलहन में की गई है. केंद्र सरकार ने सरसों के एमएसपी में 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर 4,650 रुपये करने का ऐलान किया है. वहीं, मसूर में भी 400 रुपये की बढ़ोतरी कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. जौं की एमएसपी 1600 रुपये से बढ़ाकर 1635 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है.




किसानों को लागत के मुकाबले कितना मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने सूरजमुखी के एमएसपी में 114 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर 5,327 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. केंद्र सरकार के मुताबिक, रबी फसलों के विपणन वर्ष 2022-23 के लिए की गई बढ़ोतरी आम बजट 2018-19 में की गई घोषणाओं के मुताबिक है. तब सरकार ने घोषणा की थी कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत के कम से कम डेढ़ गुना के बराबर कर दिया जाएगा. इससे किसानों को अपने उत्पादों की उचित कीमत मिलेगी और उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी. अनुमान के मुताबिक, एमएसपी बढ़ाए जाने के बाद किसानों को सरसों की लागत से 100 फीसदी फायदा मिलेगा. वहीं, मसूर पर लागत का 79 फीसदी, चना पर 74 फीसदी और सूरजमुखी पर 50 फीसदी फायदा मिलेगा.





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