मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार और पटना जाेन में भी बड़ी संख्या में बच्चों के एक्यूट ब्रोंकाइटिस (सांस नली में सूजन व बुखार) से पीड़ित हाेने की खबर सुर्खियों में आने के बाद मंगलवार काे अधिकारियों का अमला श्रीकृष्ण मेडिकल काॅलेज अस्पताल, मुजफ्फरपुर पहुंचा। बाद में केजरीवाल अस्पताल में भर्ती बच्चों का जायजा भी लिया।
वहां चिकित्सकों और प्रशासक से जानकारी ली। इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस सिस्टम यानी आईडीएसपी के स्टेट प्रोग्राम अफसर रंजीत कुमार, सीएस डॉ. विनय कुमार शर्मा, वेक्टर बॉर्न डिजीज अफसर डॉ. सतीश कुमार, डॉ. सीके दास साथ थे। मुजफ्फरपुर, पटना और दिल्ली तक आईडीएसपी के संबंधित अधिकारी इनसे जानकारी लेते रहे।



टीम ने एसकेएमसीएच अधीक्षक डॉ बीएस झा और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल शंकर साहनी से अधिकारियों ने बीते तीन दिनों में अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने का कारण जाना। हालांकि, फिलहाल टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। लेकिन, निपाह वायरस के कारण बीमारी फैलने की आशंका को लेकर जांच का निर्णय हुआ।

आईडीएसपी के स्टेट प्रोग्राम अफसर डॉ रंजीत कुमार ने कहा कि मुख्यालय से खास किट के साथ मेडिकल टीम आएगी। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार के निर्देश पर आने की बात कही। रिपोर्ट उन्हीं काे भेजी जाएगी। पहली नजर में आरएस वायरस से ही बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है। एसकेएमसीएच में प्राचार्य डॉ. विकास कुमार से भी अधिकारियों ने बीमारी से बचाव को लेकर विमर्श किया।
वेक्टर बोर्न डिजीज विभाग ने एसकेएमसीएच प्रबंधन से मांगी बीमार बच्चों के निवास और पृष्ठभूमि पर रिपोर्ट
मंगलवार काे भी सामने आए 40 नए मामले
एसकेएमसीएच में मंगलवार काे 25 बच्चे भर्ती हुए। जबकि, केजरीवाल अस्पताल में 15 बच्चों काे भर्ती कराया गया। सभी की स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर है। एसकेएमसीएच के पिकू वार्ड में देर शाम तक 105 बच्चे भर्ती थे।

आज गाेपालगंज व छपरा जाएगी टीम
स्टेट प्रोग्राम अफसर ने बताया कि गोपालगंज, सीवान और छपरा में भी वायरल फीवर से बच्चे बीमार हैं। वहां बुधवार को स्टेट टीम जाएगी। पूरे उत्तर बिहार में इस तरह बच्चों के अचानक बीमार हाे रहे हाेने के पीछे मौसम में बदलाव, बाढ़ग्रस्त इलाका अथवा बाढ़ का पानी उतरने के बाद की स्थितियों की भी समीक्षा हाेगी। संक्रामक राेग नियंत्रण विभाग काे बच्चों के मूल निवास, उनकी आर्थािक-सामाजिक पृष्ठभूमि का भी पता लगाने काे कहा गया है।
-प्रभारी मंत्री मुकेश सहनी




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