पटना. कोरोना वायरस संक्रमण (Corona Virus Infection) के संकट से काफी हद तक उबरने के बाद बिहार की राजधानी पटना में इस बार दुर्गा पूजा पर पंडाल (Durga Puja Pandal) और मूर्तियां प्रतिष्ठापित करने का आदेश जिला प्रशासन ने दे दिया है. हालांकि इसके लिए शर्त भी है. दरअसल पूजा समिति को पंडाल और मूर्ति के लिए जिला प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा. लाइसेंस में इस बार कोविड प्रबंधन (Covid Management) के मानकों के अनुपालन की शर्त को भी जोड़ा जाएगा और जिला प्रशासन जब चाहे तब अनुमति को रद्द कर सकता है.

बता दें कि दुर्गा पूजा को शुरू होने में अब 1 महीने का वक्त बचा है. 7 अक्टूबर से शुरू होकर 15 अक्टूबर तक चलने वाले दुर्गा पूजा में इस बार पुरानी रौनक रहेगी या नहीं इसको लेकर संशय है. यह इसलिए भी है क्योंकि सरकार कोई लिखित आदेश दशहरा को लेकर सामने नहीं आयी है. वहीं दूसरी तरफ पूजा समितियों को जिला प्रशासन से पूजा के पहले लाइसेंस लेने के लिए कहा गया है.

ऐसे तो हर साल पूजा पंडालों को यह लाइसेंस लेना पड़ता था, लेकिन इस बार कोरोना में गाइडलाइन बदली होगी 30 दिन से कम बचे वक्त के बीच में एक तरफ जहां पूजा पंडालों को समझ में नहीं आ रहा कि तैयारी शुरू करें तो कहां से, वहीं ज्यादातर पूजा समितियां और पंडाल साल 2020 जैसी इस बार भी पूजा आयोजित करेंगे.

राजधानी पटना की बात करें तो पटना के शहरी इलाकों में छोटे-बड़े कुल 100 से ज्यादा दुर्गा पूजा के पंडाल स्थापित होते हैं. जहां पर 10 दिनों तक मां की आराधना होती है. इस बार पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने आयोजन समितियों से छोटे स्तर पर पूजा आयोजित करने की अपील की है ताकि अगर अचानक से कोरोना के मामले बढ़ते है या तीसरी लहर आती है, तो संभावित लॉकडाउन जैसे खतरों को देखते हुए नुकसान ज्यादा ना हो.



दुर्गा पूजा के दौरान पटना में भव्य पूजा पंडालों को देखने भीड़ उमड़ पड़ती है.
दुर्गा पूजा को लेकर पटना डीएम डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि किसी भी कार्यक्रम पर सरकार और जिला प्रशासन के द्वारा रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन कार्यक्रम के पहले आयोजकों को अनुमति लेनी होगी यदि कोरोना का संक्रमण बढ़ता है तो अनुमति को रद्द भी किया जा सकता है.
पटना में डाक बंगला चौराहा, राजा बाजार मछुआ टोली, सहित कई ऐसे प्रमुख जगह हैं जहां आकर्षक और बड़े-बड़े पंडाल के साथ दुर्गा पूजा के दौरान अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. गांधी मैदान में रावण वध कार्यक्रम को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह होता है, लेकिन इस बार सरकार के द्वारा कार्यक्रम करने की अनुमति दिए जाने के बाद भी आयोजक मायूस हैं. इनका कहना है कि अब इतना वक्त नहीं बचा है कि कार्यक्रम की तैयारी की जाए और अभी तक जिला प्रशासन और सरकार के द्वारा साफ-साफ निर्देश नहीं दिया गया है.
पटना के डाकबंगला चौराहा पर बरसों से दुर्गा पूजा कार्यक्रम का आयोजन कर रहे संजीव कुमार टोनी और श्री दशहरा कमिटी के अध्यक्ष कमल नोपानी का कहना है कि दुर्गा पूजा को लेकर सरकार के तरफ से गाइडलाइन जारी करना चाहिए, जिससे कि वह कम समय में भी पूजा की तैयारी कर सकें.




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