शहर की सड़काें पर स्ट्रीट वेंडराें के अतिक्रमण के कारण हाेनेवाले ट्रैफिक जाम से 6 माह में राहत की संभावना है। नगर निगम प्रशासन शहर के चार इलाकों में वेंडिंग जाेन बनवा रहा है। 1.24 कराेड़ रुपए से अखाड़ाघाट रोड में देना बैंक के पास, चक्कर चौक से बटलर के बीच, एमआईटी गेट से पुष्पांजलि विवाह भवन के बीच और रामबाग रोड में संस्कृत काॅलेज के पास वेंडिंग जोन बनेगा।

इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। अधिकतम 6 माह की अवधि तय हुई है। सड़काें से दुकानें हटा वेंडिंग जाेन में भेजा जाएगा। इसके बाद सड़क पर अतिक्रमण कर दुकान लगानेवालाें पर अतिक्रमण व वाहनाें की अवैध पार्किंग पर बड़ी राशि का जुर्माना ठाेंका जाएगा। जुर्माना राशि शीघ्र तय होगी। पिछले दिनाें हुई बाेर्ड की बैठक में नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने प्रस्ताव भी लाया था।

टेंडर के अनुसार अखाड़ाघाट राेड के देना बैंक के पास वेंडिंग जाेन बनाने में 55.15 लाख रुपए खर्च हाेंगे। यहां सरैयागंज, कंपनीबाग राेड, गाेला राेड, सिकंदरपुर, सरैयागंज, माेतीझील, जवाहरलाल राेड, कल्याणी में स्ट्रीट वेंडराें काे शिफ्ट करने की याेजना है। इसी तरह चक्कर चाैक के वेंडिंग जाेन पर 10.49 लाख खर्च हाेंगे। यहां अघाेरिया बाजार से लेकर आमगाेला व आसपास के इलाके के स्ट्रीट वेंडराें काे शिफ्ट किया जाएगा।
51.89 लाख रुपए से एमआईटी के समीप बननेवाले वेंडिंग जाेन में ब्रह्मपुरा, इमलीचट्टी व जूरन छपरा इलाके के स्ट्रीट वेंडर शिफ्ट हाेंगे। 7.16 लाख से रामबाग में बननेवाले वेंडिंग जाेन में मिठनपुरा, पक्कीसराय, बनारस बैंक चाैक इलाके व जेल राेड के स्ट्रीट वेंडर शिफ्ट किए जाएंगे। निगम प्रशासन का मानना है कि दिल्ली की तर्ज पर बननेवाले वेंडिंग जाेन में ग्राहक खुद पहुंचेंगे।
इधर, सकरी सड़कें व जाम को लेकर शहर में इलेक्ट्रिक सिटी बस चलाने से पथ परिवहन निगम का इनकार
शहरी क्षेत्र में सड़क जाम की समस्या के कारण सिटी बस से यात्रा करने के शहरवासियों के सपने पर फिलहाल पानी फिर गया है। पथ परिवहन निगम ने शहर में इलेक्ट्रिक सिटी बस चलाने से इनकार कर दिया है। परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बस परिचालन काे शहर में घाटे का साैदा बताया है। एेसे में अब इलेक्ट्रिक बस खरीदने की नगर निगम की योजना को तत्काल स्थगित किया गया है। अब स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टरेट की बैठक में इलेक्ट्रिक की जगह सीएनजी बस चलाने की अनुमति देने को लेकर नगर निगम प्रस्ताव रखेगा। स्वीकृति के बाद सीएनजी बस खरीदने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

बता दें कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण या शहरवासियों की सुविधा को लेकर 20 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना है। इसे लेकर निगम ने पथ परिवहन निगम को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन शहर की सड़कें सकरी होने और जाम की समस्या के कारण परिवहन निगम ने बस परिचालन करने से इनकार किया है। परिवहन निगम ने नगर निगम को कहा कि यदि वह सीएनजी बस उपलब्ध कराएगा तो इसका परिचालन आसानी से किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक बस का परिचालन शहर में घाटे का सौदा है। इनके रख-रखाव में काफी खर्च होता है।




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