नई दिल्ली. जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा है कि लालू यादव को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को राजगद्दी सौंप देनी चाहिए, क्योंकि बड़े होने के नाते वही लालू यादव के असली वारिस हैं. न्यूज18 से बात करते हुए जेडीयू सांसद ने कहा कि जिनके माता-पिता मुख्यमंत्री रहे हों, जो खुद नेता प्रतिपक्ष हो, ऐसे घरों में ऐसा होना स्वभाविक है. यूपी में भी मुलायम सिंह यादव के परिवार में ऐसा देखने को मिला.
तेज प्रताप असली वारिस
सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि आज उस घर में लालू जी के बाद कोई वारिस है, तो वह तेज प्रताप यादव हैं. लेकिन यह उनके घर की अपनी राजनीति है. उन्होंने बड़े को साइड कर दिया और छोटे बेटे तेजस्वी यादव को आगे बढ़ा रहे हैं. आज तेजस्वी यादव कह रहे हैं कि उन्हें अनुशासन में रहना चाहिए. मैं कहता हूं कि अनुशासन तो तेजस्वी यादव को सीखना चाहिए कि बड़े भाई को राजगद्दी देनी चाहिए. राजगद्दी का असली मालिक तो वह है, लेकिन आप बेचैन हैं सीएम बनने के लिए और बड़े भाई को साइड कर रहे हैं.



नेता प्रतिपक्ष से जेडीयू सांसद का निवेदन
जेडीयू सांसद ने कहा कि इसमें लालू यादव को चाहिए था कि बैठकर इसमें जो बड़ा है उसको राजगद्दी देने की घोषणा कर देते. लेकिन जो हो रहा है वह अच्छी बात नहीं है. बड़े का हक मारकर छोटे को देना – इससे अस्थिरता भी पैदा हो सकती है घर में. असंतोष बनता है. कुछ-कुछ गलत बातें भी होने लगती हैं, जो धीरे-धीरे दिख भी रही हैं. इसलिए मेरा नेता प्रतिपक्ष से विनम्र निवेदन होगा कि अपने बड़े भाई का सम्मान करें और पार्टी हित के लिए भी उनका ख्याल रखें.

प्रधानमंत्री से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
जातीय जनगणना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मांग और बिहार से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रधानमंत्री से कल होने वाली मुलाकात पर जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार यह मांग रखी है. जब सदन चल रहा था तो उस वक्त भी हमने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था. लेकिन उस वक्त गृह मंत्री से हमलोगों की मुलाकात हुई थी. उस वक्त गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि आपलोगों के पत्र और इस मांग पर प्रधानमंत्री विचार करेंगे और प्रधानमंत्री ने कल बिहार में मुख्यमंत्री समेत सभी विधायक दल के नेताओं को आमंत्रित किया है. उन्होंने कहा कि मुझे आशा ही नहीं पूर्ण उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के निवेदन पर प्रधानमंत्री कुछ न कुछ सकारात्मक निर्णय लेंगे.




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