राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में पदस्थापित 15 डॉक्टरों को बर्खा’स्त कर दिया है। ये सभी डॉक्टर लगातार सात से लेकर 18 साल से अनुपस्थित हैं। अनधिकृत रूप से इतने अधिक समय तक अनुपस्थित रहने के कारण इन्हें बर्खास्त करने के प्रस्ताव पर शुक्रवार को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 21 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।कैबिनेट विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि ब’र्खास्त किए गए डॉक्टरों में सारण में पदस्थापित डॉ. वीरेंद्र कुमार चौधरी मधुकर, डॉ. अमानुल्लाह अंसारी, डॉ. जयनारायण प्रसाद, डॉ. तौफिक अहमद और डॉ. प्रभाष कुमार शामिल हैं। वहीं, शेखपुरा के डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अनिल कुमार सिंह और डॉ. प्रकाश कुमार सिंह के अलावा बेगूसराय के डॉ. प्रेमशंकर, नालंदा के डॉ. विजय कुमार, दरभंगा के डॉ. निलेश कुमार, सुपौल के डॉ. इंद्रदेव सिंह और डॉ. महेश प्रसाद पासवान, कटिहार के डॉ. मनींद्र कुमार सिंह तथा पूर्णिया के डॉ. उपेंद्र प्रसाद मंडल शामिल हैं।

अन्य फैसले
– राज्य के विधि विज्ञान प्रयोगशाला पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के लिए 12 चालक नियुक्त किए जाएंगे
-अनुमंडल न्यायालय मोहनियां के एक अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय के लिए 12 पद सृजित होंगे
– राज्य के बाहर देश के अन्य एक्स श्रेणी के महानगरों में पदस्थापित-प्रतिनियुक्त विभिन्न कोटि के राज्य कर्मियों तथा वेतनस्तर (1) के कर्मियों के लिए पुनरीक्षित भत्तों की दर तय की गई
– नवादा जिले के नरहट में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 45 करोड़ 15 लाख की स्वीकृति दी गई
-बिहार सिविल सेवा (न्याय शाखा) (प्रशिक्षण एवं विभागीय परीक्षा-संशोधन) नियमावली 2019 की स्वीकृति दी गई

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