राष्ट्रीय जनता दल के अंदर का विवाद बवंडर का रूप ले चुका है। हिटलर और हू इज तेजप्रताप…वाले बयान के बाद कायम तनातनी के बीच तेजप्रताप यादव ने कहा है कि चाहे जितना षडयंत्र रचो कृष्ण-अर्जुन की ये जोड़ी को तोड़ नहीं पाओगे। तेज प्रताप ने यह कहते हुए एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है जिसमें वे छोटे भाई तेजस्वी यादव को मुकुट पहना रहे हैं।
तेजप्रताप हमेशा कहते भी रहे हैं कि मैं कृष्ण हूं और मेरा अर्जुन तेजस्वी यादव है। उसे मुख्यमंत्री बना कर दम लेना है। कुछ लोग हमारी जोड़ी को तोड़ना चाहते हैं, पार्टी को बर्बाद करना चाहते हैं और दोनों भाइयों को अलग करना चाहते हैं।

गुस्साते हैं तो किसी को कुछ समझते नहीं तेजप्रताप
तेज प्रताप यादव पिछले कई दिनों से प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और तेजस्वी यादव के रणनीतिकार संजय यादव पर गुस्साए हुए हैं। शुक्रवार को उन्होंने आरोप लगाया था कि संजय यादव, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव हम दोनों भाइयों को मिलने नहीं दे रहे हैं। वे कौन होते हैं दोनों भाइयों के बीच आने वाले। इससे एक दिन पहले गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर यहां तक कहा था कि ‘ जिस प्रवासी सलाहकार के इशारे पे पार्टी चल रही वे हरियाणा में अपने परिवार से किसी को सरपंच नहीं बनवा सकता वो खाक मेरे अर्जुन को मुख्यमंत्री बनायेगा… वो प्रवासी सलाहकार सिर्फ लालू परिवार और राजद में मतभेद पैदा कर सकता है।’ तेजप्रताप यादव के बयान और आरोप के बाद संजय यादव का कोई बयान सामने नहीं आया है। ऐसे भी संजय यादव पर्दे के पीछे से राजनीति करते हैं !

जगदानंद सिंह और संजय यादव निशाने पर !
तेजप्रताप यादव ने ट्वीटर पर कहा है कि- ‘ चाहे जितना षडयंत्र रचो कृष्ण-अर्जुन की ये जोड़ी को तोड़ नहीं पाओगे! ‘ माना जा रहा है कि तेज प्रताप यादव का यह बयान जगदानंद सिंह और संजय यादव के लिए ही है। क्योंकि वे लगातार इन्हीं दोनों पर भड़के हुए हैं। जगदानंद सिंह पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग तेज प्रताप प्रेस कांफ्रेस कर पहले ही कर चुके हैं। तेजप्रताप यादव उन सभी को नसीहत दे रहे हैं, जो यह समझ रहे हैं कि तेजस्वी और तेजप्रताप की जोड़ी टूट जाए।

कोई उकसा कर सुदर्शन चक्र चलाने को कह रहा, कोई कह रहा संयम से रहें
तेज प्रताप यादव के नजदीकी आकाश को छात्र राजद के अध्यक्ष पद से हटा कर नया अध्यक्ष नियुक्त किया जा चुका है। इस मामले में अब तक तेज प्रताप यादव बयान देने के सिवा कुछ ठोस नहीं कर पाए हैं। दूसरी तरफ जगदानंद सिंह ने पार्टी ऑफिस आना शुरू कर दिया है। बहन डॉ रोहिणी आचार्या और भाई तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव को अनुशासन और संयम में रहने की नसीहत दे चुके हैं। यानी तेजप्रताप यादव अकेले पड़ते दिख रहे हैं।
तेजप्रताप यादव के नए ट्वीट पर तरह- तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कोई अनुशासन में रहने को कह रहा है तो कोई कह रहा है ‘राम-लक्ष्मण बन जाते कृष्ण-अर्जुन क्यों बने पडे़ हो ?’ उकसाने वालों की भी कमी नहीं। एक समर्थक गुड्डू ने तो यहां तक लिख दिया कि- ‘अब देर हो गया है भईया, तेजस्वी आपका हक मारा है। रौद्र रुप में आइये, सुदर्शन चक्र चलाइये।’




Leave a Reply