काबुल, भारत जब रविवार को आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान ने अपना अधिकार जमा लिया। काबुल में प्रवेश के साथ ही तालिबानी आकाओं ने अफगान राष्ट्रपति भवन को अपने कब्जे में लिया, इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी मौका देख देश छोड़ दिया। इंटरनेट पर हर तरफ अफगान के बदहवास हालत की तस्वीरें और वीडियो देखे जा सकते हैं। भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को वहां से निकाला शुरू कर दिया है।


रतन नाथ मंदिर के पुजारी हैं पंडित राजेश
अफगानिस्तान में तालिबान के खौफ के चलते एयरपोर्ट और बॉर्डर पर लोगों की भीड़ जमी हुई है। सोमवार देर शाम भारत में भी एक स्पेशल विमान भेजकर 400 से ज्यादा नागरिकों को एयरलिफ्ट किया। काबुल से भी लोगों को निकालने का काम तेजी से जारी है इस बीच राजधानी के इकलौते पुजारी पंडित राजेश कुमार ने रतन नाथ मंदिर को छोड़ने से इनकार कर दिया है।null

पुजारी ने काबुल छोड़ने से किया इनकार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की राष्ट्रीय राजधानी काबुल स्थित रतन नाथ मंदिर के पुजारी पंडित राजेश कुमार ने अपनी जान बचाने के लिए शहर छोड़कर भागने से इनकार कर दिया है। राजेश कुमार का कहना है कि उन्हें कई हिंदुओं ने काबुल छोड़ने के लिए कहा। वह पुजारी के रहने, खाने और यात्रा की व्यवस्था भी करने की पेशकश कर रहे थे लेकिन राजेश कुमार ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया।






Leave a Reply