बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जिसे शादी के वक्त ‘लक्ष्मीनिया’ बहू कहा हो, उस ऐश्वर्या राय के समान सड़क पर गाडि़यों में पड़े हों और कोई उसे लेने को कोई तैयार न हो, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी। लेकिन ऐसा हुआ है। सामान भी ऐश्वर्या की सास व राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने घर से बाहर किया, उसे राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा राय के पुत्र व ऐश्वर्या राय के पिता चंद्रिका राय के घर पर भेजा। गुरुवार से सड़क पर पड़े ये सामान फिलहाल पटना के शास्त्रीनगर थाना के बाहर खड़े दो वाहनों में पड़े हैं।इसके पहले समान लेकर चंद्रिका राय के आवास पर पहुंचे वाहन चालकों को जब चंद्रिका राय के समर्थकों ने शनिवार की देर शाम वाहन समेत खदेड़ दिया गया तो वे किसी तरह वे शास्त्री नगर थाना पहुंचे।

वाहन चालकों का आ’रोप है कि चंद्रिका राय के समर्थकों ने उनसे मा’रपी’ट की तथा जब वे राबड़ी देवी को फोन लगाने लगे तो उनके मोबाइल छीन लिए।विदित हो कि बीते गुरुवार की रात राबड़ी देवी ने बहू ऐश्वर्या राय के सामान उनके मायके पिता चंद्रिका राय के पटना स्थित सरकारी आवास पर भेज दिए थे, जिसे लेने से चंद्रिका राय ने इनकार कर दिया। चंद्रिका राय ने कहा कि सामान उनकी बेटी के कमरे का ताला तो’ड़कर गैरकानूनी तरीके से बिना सूचना भेजे गए हैं, जिन्हें वे स्वीकार नहीं कर सकते। इसके बाद से ऐश्वर्या के सामान चंद्रिका राय के घर के बाहर दो वाहनों में ही पड़े थे। चंद्रिका राय के समर्थकों ने बीती शाम इन गाडि़यों को घर के पास से भगा दिया।चंद्रिका राय के घर से भगाए जाने के बाद चालक वाहनों को लेकर निकटवर्ती शास्त्री नगर थाने पहुंचे। जानकारी पाकर राबड़ी देवी के समर्थन में आरजेडी नेता आभा लता कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचीं। उन्होंने थाने में सामान सुरक्षित रखने की बात कही, मगर थानाध्यक्ष विमलेंदु ने दो-टूक मना कर दिया।थानाध्यक्ष ने कहा कि वे ज’बरन न तो किसी के घर में सामान नहीं रखवा सकते हैं और न ही थाने में रखने की इजाजत दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने चालकों को थाने के बाहर गाड़ी खड़ी करने की अनुमति दी। दोनों चालक रात भर कड़ाके की ठंड में सामान लदे वाहन के साथ शास्त्रीनगर थाने के बाहर बैठे रहे। दोनों वाहन अभी भी वहीं पड़े हैं।

वाहन चालक संजय व रविरंजन ने बताया कि वे ठंड के कारण वे चंद्रिका राय के घर के बाहर तै’नात पुलिसकर्मियों के साथ आग सेंक रहे थे। इतने में एक दर्जन लोग आ गए और गा’ली-गलौ’ज व हा’थापाई करने लगे। उनके मोबाइल भी छीन लिए गए। साथ ही ध’मकी दी कि यहां से निकल जाओ वरना बु’रा अंजाम भुगतना होगा।इस मा’मले में दोनों वाहन चालक बेवजह पिस रहे हैं। सामान के साथ चार दिनों से बैठे चालक संजय ने कहा कि वे आज इसे छोड़कर घर चले जाएंगे, क्योंकि 31 दिसंबर को उसकी दादी का श्राद्धकर्म है। घर वाले प’रेशान हैं।



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