पटना के चार घांटों पर गंगा की तेज धार डरा रही है। गंगा के उफान से हर पल बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। दैनिक भास्कर ने पटना के 4 घाटों की पड़ताल की। शनिवार को गंगा की लहरों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई। अगर गंगा की रफ्तार यही रही तो राजधानी में नदी से सटे इलाकों में बाढ़ का पानी आ जाएगा। भद्रघाट से लेकर कंगन घाट को खतरनाक क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। घाटों पर गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है।


सुरक्षित स्थान की ओर जाते लोग।

तेज लहरों से टूट रहा घाटों का सन्नाटा
पटना के घाटों पर लोगों की भीड़ रहती थी। घाटों पर दुकानें भी लगती रही हैं। लेकिन गंगा में उफान के बाद सन्नाटा पसरा है। गंगा की तेज लहरे जब घाट की दीवारों से टकरा रही हैं तो आवाज से सन्नाटा टूट रहा है। एनआईटी घाट पर भी अब लोग नहीं दिख रहे हैं। गांधी घाट का भी यही हाल है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरा भी इसी रफ्तार से बढ़ता जा रहा है।

मोहल्लों में भी घुसा गंगा का पानी।
हर घंटे बढ़ रहा खतरा
हर घंटे घाटों पर खतरा बढ़ रहा है। गांधी घाट, एनआईटी घाट, काली घाट, भद्र घाट, कंगन घाट से लेकर सभी घाटों पर खतरा बढ़ा है। पटना के 4 घाट ऐसे हैं जहां गंगा हर घंटे 1 CM से बढ़ रही है। पटना के सभी घाटों को एक-एक कर खतरनाक घोषित किया जा रहा है। यहां बैरिकेडिंग की जा रही है और सुरक्षा बलों का तैनात किया जा रहा है। दीघा घाट में शनिवार को गंगा का जलस्तर 51.62 मीटर रहा। वहीं गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.23 मीटर पाया गया।

चारों ओर से पानी से घिरा इलाका।
4 साल का टूटा रिकॉर्ड
पटना के हाथीदह में गंगा ने 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। शनिवार को सुबह हाथीदह में गंगा लाल निशान से 153 CM ऊपर बह रही थी। हाथीदह में साल 2016 में अधिकतम जल स्तर 43.17 मीटर था जबकि शनिवार को जल स्तर 12 सेमी. ज्यादा था। जल संसाधन विभाग का अनुमान है कि रविवार को सुबह 8 बजे तक गंगा के जलस्तर में 16 सेमी की वृद्धि हो सकती है।
गंगा के खतरे से प्रशासन अलर्ट
गंगा में खतरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पटना में 4 घाट खतरे की जद में हैं। इसके अलावा अन्य घाटों को लेकर भी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सुरक्षा को लेकर विशेष टीम बनाई है। डीएम ने लोगों से अपील की है कि घाटों की तरफ नहीं जाएं।



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