सुपौल : सदर प्रखंड अंतर्गत अमहा गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमहा से दक्षिण वार्ड नंबर तीन शर्मा टोला व अनुसूचित जाति टोले के समीप सख्त पाबंदी के बावजूद बालू का अवैध रूप से खनन जारी है। बालू कारोबारियों के द्वारा अल सुबह ही जेसीबी मशीन से खनन किया जाता है। इससे सरकार को लाखों के राजस्व का चूना भी लगा रहा है।

सरकार द्वारा अवैध खनन पर लगाम लगाने को लेकर कठोर कानून बनाया गया है कितने पर कानून का डंडा भी चल चुका है लेकिन यहां तो विभाग डाल-डाल तो कारोबारी पात-पात वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। अच्छी भली उपजाऊ जमीन को बंजर बनाया जा रहा है। दस से पंद्रह फीट जमीन के अंदर तक खनन किया जा रहा है जो ग्लोबल वार्मिंग के लिए बेहद ही खतरनाक माना जाता है। चार बजे सुबह से ही खनन शुरू हो जाता है और लोगों की आवाजाही शुरू होने से पहले ही ट्रैक्टर से बालू का उठाव कर लिया जाता है। सूत्रों की माने तो जमीन वालों को पांच, दस हजार रुपये देकर कारोबारी खुद लाखों की उगाही करते हैं।

-अल सुबह शुरू हो जाता है खनन, आवाजाही शुरू होने से पहले हो जाता है उठाव
-10-15 फीट तक मशीन से खोदे जा रहे गड्ढ़े, उपजाऊ जमीन हो रही है बंजर
लगातार की जा रही कार्रवाई
प्रशासन की ओर से इस पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। लेकिन इसका असर लोगों पर नहीं दिख रहा है। बालू कारोबारी जमीन से 10 से 15 फीट तक खोद कर बालू निकाल रहे हैं। इससे अच्छी जमीन बेकार हो जाती है। किसान भी थोड़े पैसे के लालच में आ जाते हैं। आने वाले समय में इससे काफी नुकसान होगा।
अवैध खनन के विरुद्ध सघन छापामारी अभियान चलाकर मशीन, ट्रैक्टर जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार, खनन पदाधिकारी।



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