पटना में गंगा का खौफ है। तेजी बढ़ रही गंगा प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में दह’शत का माहौल है। पटना के नकटा दियारा में गंगा का पानी कहर बन गया है। करीब 50 एकड़ से अधिक भूमि पर फसलों को भी काफी नुक’सान पहुंचा है। खतरे को लेकर अधिकारियों को अ’लर्ट मोड पर लगाया गया है। पटना के सभी प्रभावित 14 वार्डों में एक-एक नाव की व्यवस्था की गई है। रविवार को डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह भी मौके पर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अफसरों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार गंगा का अपडेट ले रही है। रविवार को डीएम भी इनफ्लैटेबल मोटरबोट से पटना सदर अंचल के बाढ़ प्रभावित नकटा दियारा एवं बिंदटोली का मुआयाना किया। इस दौरान प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। नकटा दियारा पंचायत के वार्ड नंबर 11 में लोगों से समस्या जानी है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई, आर्थिक आय का साधन, पशुओं का रखरखाव, खेती बारी से लेकर अन्य जानकारी ली है।
प्रत्येक वार्ड में एक एक नाव
बाढ़ के पानी से घिरा नकटा दियारा पंचायत पटना सदर अंचल अंतर्गत 14 वार्ड एवं 9384 वोटर का पंचायत है। यहां बाढ़ के कारण लोग परेशान हैं। डीएम ने लोगों की मांग के पर आवागमन की सुविधा तथा दैनिक आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए प्रत्येक वार्ड के लिए एक-एक नाव की व्यवस्था जल्द कराने का निर्देश दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर को निगरानी का निर्देश दिया गया है। नकटा दियारा के लोगों ने ही डीएम से प्रत्येक वार्ड के लिए नाव की व्यवस्था मांगी।


डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने इनफ्लैटेबल मोटरबोट से पटना सदर अंचल का मुआयना किया।
बाढ़ से फसल को भारी नुकासान
बाढ़ से फसल को भारी नुकसान हुआ है। नकटा दियारा पंचायत मे बाढ़ के पानी से लाखों की फसल डूब गई है। दियारा क्षेत्र मे प्राय: लोग सब्जी एवं मोटे अनाज की खेती करते हैं। लोगों का खेत बाढ़ के पानी से डूब गया है। प्रशासन लोगों की समस्या को देखते हुए फसल की क्षति का आकलन करने का काम तेज कर दिया गया है। आपदा अनुदान की प्रति परिवार देय राशि की सूची तैयार की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए देय आपदा अनुदान की राशि के वितरण के लिए भी सूची तैयार की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को आपदा अनुदान के तहत प्रति परिवार 6000 रुपए दिए जाने हैं। इसकी पूरी तैयारी चल रही है, जिसमें कई टीम काम कर रही है।
गंगा का जल स्तर बढ़ा तो खतरा
गंगा का जल स्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो खतरा भी बढ़ जाएगा। दियारा क्षेत्र काे पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा जा रहा है। यहां प्रभावित लोगों से पूरी जानकारी ली जा रही है। समस्या का समाधान करने तथा उनका हालचाल जानने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के साथ स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को अलर्ट मोड पर लगाया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहकर गंगा के बहाव में तेजी का भी आकलन टीम कर रही है।



Leave a Reply