अगर आपकी कार जीप का फिटनेस खत्म है तो सावधान हो जाइए। सड़क पर निकलते ही कभी भी आपका सामना जांच टीम से हो सकता है। अगर टीम को जांच में गाड़ी अनफिट मिलती है तो उसे जब्त किया जा सकता है। बिहार में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि पहले ऐसी अनफिट गाड़ियों को जब्त किया जा रहा है जो कामर्शियल हैं। इस अभियान में सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को अधिक से अधिक प्वाइंट पर जांच करने को कहा गया है। प्रदूषण, DL अपडेट करके ही वाहन लेकर सड़क पर निकलें।
ओवरलोडिंग से लेकर DL तक की जांच
बिहार में वाहनों में ओवरलोडिंग, ड्राइविंग लाइसेंस तथा व्यवसायिक वाहनों के फिटनेस जांच के लिए शनिवार को सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस, ओवरलोडिंग तथा फिटनेस प्रमाण पत्र अपडेट नहीं पाए जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान सभी जिलों में जिला परिवहन पदाधिकारी, MVI और ESI द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है।
वाहनों को किया जा रहा जब्त
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि अभियान के तहत शनिवार को ट्रक सहित कुल 700 वाहनों के फिटनेस जांच प्रमाण पत्र की जांच की गई। जांच में 46 ट्रकों का फिटनेस फेल पाया गया। ऐसे वाहनों जुर्माना लगाया गया तथा 27 ट्रकों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। व्यवसायिक वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने ट्रकों एवं अन्य व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस जांच करा लें एवं दुरुस्त होने के बाद ही चलाएं। फिटनेस फेल वाहनों को चलाना न सिर्फ मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। आए दिन इससे सड़क दुर्घटना होती है।
अगर DL नहीं तो सावधान हो जाएं
जिला परिवहन कार्यालय द्वारा काॅमर्शियल और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग अवधि के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। नई गाड़ियों के पंजीकरण के समय ही उन्हें प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। 8 साल तक नए काॅमर्शियल वाहनों को यह दो साल के लिए जारी किया जाता है। वहीं 8 साल से पुराने व्यावसायिक वाहनों को हर साल जांच करवाकर फिटनेस प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है। अगर DL नहीं तो ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अगर गाड़ी का फिटनेस नहीं है या फिर प्रदूषण या DL नहीं है तो गाड़ी सड़क पर निकालना भारी पड़ सकता है।





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