भितहा में तटबंध के समीप वन विभाग की निगरानी में संरक्षित मगरमच्छ के अंडों से बच्चे निकलने लगे हैं। यहां संरक्षित 16 अंडों में से पांच का प्रजनन हो चुका है। पीपी तटबंध के दक्षिणी भाग में 1.7 किमी इलाके पर मगरमच्छों ने सुराग कर एक दर्जन अंडे दिए थे। विशेषज्ञों की टीम ने आकर जांच किया था और वन विभाग की निगरानी में 16 अंडे पिपरासी से लाकर भितहा में सुरक्षित रुप से संरक्षित किया गया था।

29 जून को प्रमंडल संख्या दो के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता गौतम कुमार, कनीय अभियंता अमरकांत मंडल बांध का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जांच की गई तो पाया गया कि सुराख में बड़े-बड़े अंडे हैं। ऐसे में अभियंताओं के सामने दोहरी समस्या उत्पन्न हो गई थी कि बांध को कैसे मरम्मत कराएं। तटबंध मरम्मत करना भी जरूरी था।
अभियंताओं ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग ने इन अंडों को निकाल कर सुरक्षित रखवाया। वनकर्मी लालसा यादव ने बताया कि 16 में से पांच अंडों से बच्चा निकल आए हैं। इन्हें ले जाकर पिपरासी के मगरमच्छों के जोन में छोड़ा गया।

मगरमच्छों से था पीपी तटबंध को खतरा
तटबंध से करीब डेढ़ सौ मीटर पर एक नाले में मगरमच्छों का अधिवास है। इसमें ढाई दर्जन मगरमच्छ पिछले पांच वर्षों से रह रहे हैं। मगरमच्छों के अधिवास के कारण परसौनी गांव के दर्जनों लोग डर से यह जगह छोड़ चुके हैं। मगरमच्छों का प्रकोप इतना अधिक है कि वे रात में आसपास के घरों में भी घुस जाते हैं, जिस कारण लोगों में दहशत है। ग्रामीणों द्वारा कई बार इन मगरमच्छों को पकड़ कर वन विभाग को सौंप गया, लेकिन इनकी संख्या अधिक होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी होती है।



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