मुजफ्फरपुर : आज भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय ,सादातपुर, मुज़फ़्फ़रपुर के वंदना सभागार में विद्या भारती बिहार के तत्वधान में चार दिवसीय क्षेत्रीय पूर्णकालिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण योजना वर्ग एवं क्षेत्रीय कार्यकारिणी बैठक की विधिवत शुरुआत पूजा एवं वंदना से की गई । जिसमें पूर्णकालिक के साथ-साथ विद्या भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री जे० एम० काशीपति जी,प्रदेश संगठन मंत्री श्री ख्यालीराम जी, क्षेत्रीय सचिव श्री मुकेश नंदन जी,क्षेत्रीय मंत्री श्री राम अवतार नरसरिया जी, प्रदेश सचिव श्री नकुल कुमार शर्मा जी और सहायक महाप्रबंधक इंडियन बैंक, पटना श्री अरुणाभ रॉय मंच पर विराजमान थे । दीप प्रज्वलन के बाद सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थी वंदना गीत के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ाने के लिए मंच संचालक श्री अजय कुमार तिवारी जी को मंच दे दिया, इसके बाद में सचिव श्री नकुल कुमार शर्मा जी ने सबों कात परिचय करवाया, इस कार्यक्रम की शुरुआत में ही विद्या भारती के उद्देश्य के स्वरूप ” संस्कार के साथ शिक्षा” देने की बात कही गई । उद्बोधन के रूप में विद्या भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री जे० एम० काशीपति जी ने कहा कि लंबे समय से शिक्षा बाधित रहा है ऑनलाइन के माध्यम से शिक्षा देने की बात है और शिक्षक शिक्षा के साथ – घरवाले संस्कार के साथ शिक्षा देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं । विद्या भारती की कल्पना है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो संस्कार के साथ मतलब दोनों एक दूसरे के संपूरक होने चाहिए । नई शिक्षा नीति में कला समेकित शिक्षा की बात की गई , जिसमें घर, परिवार और समाज के सभी क्रियाकलाप कला में आते हैं और उसमें पाक कला मतलब रसोई की कला को भी पुरजोर ढंग से लागू करने की बात कही गई, क्योंकि इसमें धैर्य की आवश्यकता होती है । नई शिक्षा नीति में इमोशनल (भावनात्मक) और स्प्रिचुअल(मनोभाव) आधारित शिक्षा पर बल दिया है । शिक्षा संस्कार के साथ होनी चाहिए । मुकेश नंदन जी ने कहा कि कोरोना काल में शिक्षण संस्थान बंद है — लेकिन शिक्षा देने की परंपरा और बच्चों की शिक्षा लगातार ऑनलाइन के माध्यम से चल रहा है । इसका मूल्यांकन हम लोगों को करना है, बंद काल में भी शिक्षक और शिक्षा लगातार अच्छे ढंग से चलते रहना चाहिए । देश में नई शिक्षा नीति की शुरुआत हो चुकी है इसका कार्यान्वयन और लागू कैसे हो; इस पर विचार करना चाहिए । इस नीति को बनाने के लिए साधारण से साधारण लोगों की सोच को भी रखा गया है मतलब यह शिक्षा नीति हम सबकी है । इसको कैसे अच्छे ढंग से पूरे देश में लागू करना है, इस पर भी विचार हम लोगों को करना है । विद्या भारती में पूर्णकालिक ऐसे शिक्षक जो बिना मान देय के शिक्षा देते हैं, कस्बा- गांव में जाकर बच्चे, बच्ची, औरत, मर्द सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हैं प्रेरित करते हैं –क्योंकि एक शिक्षित व्यक्ति 100 लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर सकता है शिक्षा आज रोजगार परक कौशल परक भी होना चाहिए । विद्या भारती की अपनी एक कल्पना है उसका उद्देश्य है: विद्वत परिषद, शोध परिषद, पूर्व छात्र परिषद, संस्कृति बोध परियोजना । मतलब कोई विद्यार्थी हमारे यहां से विद्या अर्जन करके समाज में जाता है तब भी हम उन सभी विद्यार्थियों के साथ जुड़े रहते हैं मतलब शिक्षा संस्कार के साथ और संस्कार में शिक्षा सम्मलित रहता है । इस दुर्लभ काल में शिक्षा बाधित ना हो,इसमें क्या कमी रह गई है और उसमें क्या बेहतर किया जा सकता है इन सारी योजनाओं के ऊपर 4 दिनों तक विचार विमर्श किया जाएगा । इंडियन बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री अरुणाभ राय जी ने कार्यप्रणाली और उसकी व्यवस्था को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए ,उन्होंने कहा देश में एक ऐसी भी संस्था है इतना नेक काम कर रही है ,इसके लिए उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दिया । अंत में श्री राम अवतार नरसरिया जी ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया और अगले सत्र में शिक्षण कार्यों की समीक्षा और उस पर भी विचार विमर्श की योजना पर प्रकाश डाला । अगले दिन 19 जुलाई को प्रथम सत्र शिक्षण कार्य इस लॉकडाउन से प्रभावित जनजीवन और उसमें सुधार की गुंजाइश की कल्पना करते हुए सबों का आव्हान किया । इस इस कार्यक्रम के सर्व व्यवस्था प्रमुख श्री ललित कुमार राय जी जो जो भी विभाग निरीक्षक लोक शिक्षा समिति मुज़फ़्फ़रपुर और और कार्यक्रम प्रमुख डॉक्टर दीप्तांशु भास्कर और शाह कार्यक्रम प्रमुख श्री ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव हैं । कल 19 जुलाई 2021 को प्रथम सत्र का समय सुबह 9:00 बजे है । मीडिया प्रमुख और सहायक प्राध्यापक डॉ सौरभ कौशिक भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय ।







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