बूढ़ी गंडक नदी में उफान जारी है। बागमती का जलस्तर जहां ठहरा है। वहीं गंडक जलस्तर खतरे के निशान के पास है। कांटी के बहादुरपुर व मुरौल के मोहम्मदपुर मे कटाव जारी रहा। इससे बांध पर खतरा बना है। कार्यपालक अभियंता ई.बबन पांडेय के नेतृत्व में बचाव काम जारी है। सिकंदरपुर सीढ़ी घाट की अंतिम सीढ़ी तक बाढ़ का पानी आ गया है। मिठनसराय के पास फोरलेन पर करीब पांच सौ परिवार शरण लिए हंै। पैगंबरपुर कोल्हुआ मिठनसराय विकास समिति के संस्थापक अधिवक्ता अरुण पांडेय, ग्रामीण गोपाल सिंह, बीरेंद्र सिंह, सुनील सिंह, जीतेंद्र सहनी गांधी, समोध राम, लक्ष्मण सहनी ने बताया कि गांव में जाने के रास्ते पर पानी से अभी आठ हजार लोग वहीं फंसे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नाव से गांव में टीकाकरण होना चाहिए। उधर, शहर के निचलेे इलाके सिकंदरपुर कुंडल, बालूघाट, झीलनगर, कर्पूरी नगर, आश्रम घाट, छीट भगवतीपुर इलाके में बाढ़ से तबाही है।


जलस्तर की ये रही रफ्तार
रविवार को बूढ़ी गंडक का जलस्तर सिकंदरपुर में 53.63 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 52.53 मीटर पर है। बागमती का जलस्तर कटौंझा में 55.20 मीटर पर रहा, जबकि खतरे का निशान 55.23 मीटर पर है। गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट में 54.50 मीटर पर दर्ज किया गया, जबकि यहां पर खतरे का निशान 54.50 मीटर पर चिह्नित है।




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