
बरसात के चार महीनों में गंगा का पानी निकालकर उसे स्टोर किया जाएगा। ताकि बारहों महीने गया और बोधगया के लोगों को पानी मिलता रहे। अब तक गर्मी के दिनों में गया के लोगों को टैंकर के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जाता रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 258.72 करोड़ की लागत की 59 योजनाओं का उद्घाटन और 699.60 करोड़ की 193 योजनाओं का शिलान्यास किया।मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान गया में कैबिनेट की बैठक भी इसलिए की थी कि इस शहर को पेयजल के संकट से मुक्ति दिलायी जाये, जो वहां कि बड़ी समस्या रही है। इस योजना पर कई दिनों से काम हो रहा था। अंतत: उन्होंने गया में बुधवार को कैबिनेट की बैठक की और इस योजना को स्वीकृति दी। इसके लिए टेंडर भी निकल गया है।

जून 2021 तक गया, बोधगया और राजगीर में घरों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इस पर 2836 करोड़ खर्च होंगे।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गया के फल्गु नदी में हमेशा पानी रहे, इस दिशा में भी हमलोग काम कर रहे हैं। इसके लिए विष्णु पद मंदिर के पास फल्गु नदी में चेक डैम बनाकर स्नान एवं पूजा करने के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। फल्गु नदी में नाले का पानी डिस्चार्ज न हो इसके लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर नाले के ट्रीटेड पानी का सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। इस पर भी काम जारी है। उन्होंने कहा कि साल दर साल सुधार करके पितृपक्ष मेले को बेहतर स्थिति में पहुंचाया गया। दुनिया भर से प्रतिवर्ष करोड़ों लोग गया और बोधगया आते हैं। आप सबों को किसी बात के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हमने अफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) को गया में कायम रखने के लिए रक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। इस संबंध में मैं उनसे बात भी करूंगा।




Leave a Reply