छपरा के जन वितरण प्रणाली के दुकान में कीड़े और फंगस लगे चावल मिलने से उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है। शहर के लगभग सभी जन वितरण प्रणाली के दुकान में खराब अनाज का ही लाभार्थियों के बीच वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के महत्वकांक्षी योजना में से एक खाद्य सुरक्षा योजना का जमकर मखौल उड़ रहा है। एक तरफ जहां सभी गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगो को सस्ते दर में अच्छे गुणवत्ता का राशन उपलब्ध कराना है ।लेकिन लापरवाही के चलते सड़ा कीड़े पड़े फंगस वाला चावल का वितरण किया जा रहा है।
क्या बोलीं लाभार्थी
छपरा शहर में वार्ड न 40 के जनवितरण दुकान का भी कुछ ऐसा हालात है। दुकानदार द्वारा खराब चावल का वितरण लाभार्थियो में किया जा रहा है। इस तरह के कीड़े पड़े फंगस युक्त चावल लेने गई महिला लीलावती देवी ने दैनिक भास्कर को बताया कि चावल बेहद ही खराब किस्म का है। चावल में कीड़े देखने को मिला रहा है । मजबूरन चावल लेके जाना पड़ रहा है। बंटा जा रहा चावल जानवर के भी खाने लायक नही है लेकिन मजबूरन हम जैसे गरीब इंसान को खाना पड़ रहा है।
इनका क्या है कहना
जनवितरण दुकानदार ने भी यह बात माना है कि यह चावल जो आम इंसान तक खाने के लिए दिया दिया जा रहा है। वह जानवर भी ठीक ढंग से नहीं खा पाएंगे। चावल में काफी मात्रा में लगे कीड़े और फंगस साफ तौर पर देखे जा रहे हैं। वहीं डीलर ने भी कहा कि एक बोरे में 50 किलो अनाज लिखित रूप से मिलता है। लेकिन, सभी बोरे में 2 से 3 किलो कम अनाज पाया जाता है।




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