बिहार में ठंड (Cold) ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. पूरा बिहार (Bihar) पिछले 48 घंटे से शीतलहर (Cold Wave) की च’पेट में है. आलम यह है की पटना (Patna) में न्यूनतम तापमान ने पिछले 10 वर्षों का रि’कॉर्ड तो’ड़ दिया है और न्यूनतम तापमान घ’टकर 7.6 डि’ग्री पर पहुंच गया है. मौसम विभाग की मानें तो पिछले साल न्यूनतम तापमान 7 डि’ग्री से नीचे 28 दिसम्बर के बाद पहुंचा था ,वहीं 2017 में भी कुछ यही रि’कॉर्ड रहा है.मौसम विभाग ने ये भी बताया कि 2009 में दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में भी पारा 7 डि’ग्री से नीचे लुढ़का था और 2009 से 2019 के बीच 19 दिसम्बर के आसपास इतनी ठंड नहीं पड़ी थी.

कुछ यही हाल गया का भी जहां न्यूनतम ता’पमान घ’टकर 7.6 तक पहुंच गया है जबकि पूर्णिया में 9.6 तो भागलपुर में न्यूनतम तापमान 8.4 रि’कॉर्ड किया गया है. ठंड की वजह से पटना जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय मे बदलाव जरूर किया है लेकिन अचानक गि’रते पारे ने स्कूली बच्चों की भी मु’सीबतें बढ़ा दी है, ऐसे में कल उम्मीद जताई जा रही है कि जिला प्रशासन जूनियर क्लास के बच्चों के लिए स्कूल बंद करने का भी आदेश जारी कर सकता है.शीतलहर की वजह से सुबह और शाम कोहरा भी लगने लगा है तो सड़कों पर शाम होते ही ट्रैफिक भी कम होने लगा है.

बिहारवासी नवम्बर से ही ठंड के इंतजार में थे लेकिन आधे दिसम्बर के बाद अ’चानक मौसम के बदलते मिजाज से गरीबों की परे’शानी भी बढ़ने लगी है. जिला प्रशासन की ओर से अबतक अलाव की व्यवस्था भी नहीं होने से गरीबों को ठंड का सितम सहना पड़ रहा है.मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 4 दिनों में ठंड में और वृद्धि हो सकती है साथ ही कई इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है. जरूरत है कोल्ड डे में सा’वधानी बरतने की ताकि ठंड का दु’ष्प्रभाव जनजीवन’ पर नहीं पड़े.




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