उत्तर बिहार में गुरुवार को भी ठंड का कहर जारी रहा। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। धूप खिलने के बाद भी क’नकनी बनी रही। सरकारी स्तर पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोग परे’शान रहे। समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड के हुसैनीपुर निवासी रामजी सिंह ( 65) की ठंड जनित बीमा’री से मौ’त हो गई। वहीं, पूसा प्रखंड की राजकीय उ’त्क्रमित संस्कृत पाठशाला मुजौना में कक्षा पांच में पढ़ रही एक छात्रा बेहोश हो गई। उसे प्राथमिक उ’पचार के बाद घर भेजा गया। ठंड के मद्देनजर मधुबनी जिले में चार तक की कक्षाएं शनिवार तक बंद रहेंगी। वहीं, कक्षा चार से दस के समय में परिवर्तन किया गया है।

दरभंगा जिले में पहली से आठवीं कक्षा के स्कूलों में पठन-पाठन 22 तक स्थगित रहेगा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक कनकनी वाली ठंड जारी रहने की संभावना है। दिन में सूर्य के दर्शन होंगे। लेकिन, पछिया हवा चलने के कारण क’नकनी बनी रहेगी। गुरुवार को अधिकतम तापमान 17.5 और न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉ’र्ड किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा।

वहीं, न्यूनतम तापमान में लगभग दो डि’ग्री की गि’रावट आई। बीते दस वर्षों में 19 दिसबंर का रि’कॉर्ड दिखा जाए तो वर्ष 2012 में अधिकतम तापमान 18.5 व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉ’र्ड किया गया था। अधिकतम तापमान इस वर्ष 19 दिसंबर के आसपास आ गया था, लेकिन न्यूनतम सामान्य से दो डि’ग्री अधिक था। इसी तरह 10 वर्षों में सबसे ठंड वाली रात वर्ष 2015 में अधिकतम तापमान 21.5 व न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया था।




Leave a Reply