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बेतिया में टापू बने गांव से ऐसे निकली प्रेग्नेंट महिला:मददगार बनी पुलिस-NDRF ने स्ट्रेचर पर लिटाया, फिर बोट से ले गए हेल्थ सेंटर, तब हुई डिलीवरी

शनिवार शाम 6 बजे सिकटा प्रखंड के नरकटिया पंचायत के नरकटिया गांव के विद्या चौधरी के घर के भवानी देवी प्रेग्नेंट थी। दर्द से काफी पीड़ित थी। गांव में चारों तरफ बाढ़ का पानी आ जाने के कारण हॉस्पिटल ले जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। घरवाले काफी परेशान थे। इसकी सूचना गांव में फैलते ही सभी हैरान और परेशान हो गए।

घरवालों की परेशानी और प्रेग्नेंट महिला की बेचैनी देख गांव के ही किसी व्यक्ति द्वारा बेतिया के गोपालपुर थानाध्यक्ष राजरूप राय को मोबाइल से सूचना दी। सूचना मिलते ही राजरूप राय ने NDRF को सूचना दी। खुद भी NDRF टीम के साथ नरकटिया गांव पहुंचे। इसके बाद दर्द से कराह रही महिला को कर्मियों ने स्ट्रेचर पर लिटाया और एक किलोमीटर तक बाढ़ के पानी में चल सिकटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए। वहां भवानी देवी ने पुत्र को जन्म दिया।

स्ट्रेचर पर लिटाकर महिला को ले जाते NDRF टीम के सदस्य।

स्ट्रेचर पर लिटाकर महिला को ले जाते NDRF टीम के सदस्य।

इस काम के लिए गांव के लोग NDRF टीम के साथ ही थानाध्यक्ष की भी काफी सराहना कर रहे हैं। राजरूप राय ने कहा कि अगर इस तरह की कोई भी सूचना उनको मिले तो उनका प्रथम कर्तव्य बनता है कि उसे सुरक्षित जगह पहुंचाएं।

महिला को लेकर एक KM बाढ़ के पानी में चल सिकटा CHC पहुंची टीम।

महिला को लेकर एक KM बाढ़ के पानी में चल सिकटा CHC पहुंची टीम।

बेतिया में टापू बने कई गांव

बेतिया में लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ी और सिकरहना नदी उफान पर है। जिले के कई प्रखंडों के गांव टापू बन गए हैं। नेपाल से सटा सिकटा प्रखंड का नरकटिया गांव भी सिकरहना नदी के उफान पर होने से टापू बन चुका है। गांव से बाहर निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं है। प्रखंड और अनुमंडल मुख्यालय से गांव का संपर्क टूट चुका है। सड़क पर 7 से 8 फीट पानी बह रहा है।

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