पटना. बिहार में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर मामला इतना गर्म हो गया है, जितना पहले कभी नहीं हुआ. ट्रांसफर पोस्टिंग में मंत्री की बात नही मानने और मनमानी के आरोप में समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी के इस्तीफे के बाद सियासत गर्म हो गई है. अब मदन साहनी के इस्तीफे के बाद NDA के ही सहयोगी जीतन राम मांझी ने मदन सहनी के समर्थन में खुलकर उतर गए है. मांझी ने मदन सहनी का समर्थन करते हुए कहा कि मदन सहनी ने इस्तीफा दिया है या नहीं, मुझे नही पता. परंतु यह बात सही है कि बिहार में कोई भी अधिकारी मंत्रियों की बात नही सुनता है. किसी विधायक या मंत्री को अधिकारी कोई तरजीह नहींं देते. इस बात को मैने एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में भी उठाया था.
सीएम नीतीश कुमार के पाले में गेंद
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए इस्तीफे की पेशकश के बाद पूरा मामला अब सीएम नीतीश कुमार के पाले में चली गई है. अब देखना होगा कि सीएम नीतीश कुमार मंत्री के इस्तीफे को स्वीकारते है या नही।माना यह जा रहा है. सीएम नीतीश कुमार मंत्री को मनाने की कोशिश करेंगे और इस्तीफे को स्वीकार नही करेंगे क्योंकि मामला और बिगड़ सकता है.
अधिकारियों की मनमानी पर उठने लगे सवाल
बिहार में अधिकारियो की मनमानी पर विधायक से लेकर मंत्री भी उठाने लगे है. एक तरफ जहां समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी में अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद पर बड़ा आरोप लगाया. वहीं सहयोगी मांझी ने भी अधिकारियों पर सवाल खड़े कर दिये हैं. मदन सहनी ने अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चार साल से एक ही पद पर बने हुए हैं. आज तक कोई काम नही किया. दूसरी तरफ आज बीजेपी के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने भी बीजेपी मंत्रियों पर ही पैसे लेने का आरोप लगा दिया था.





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