जिले में बाढ़ की संभावना पर डीएम प्रणव कुमार ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। उन्होंने पदाधिकारियों, अभियंताओं एवं बीडीओ, सीओ से तैयारियों की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि नदियों का जलस्तर सामान्य है, मगर मई में सामान्य वर्षा के सापेक्ष पांच गुनी वास्तविक बारिश (245 मिमी) तथा जून में दो गुनी (315.29 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष प्रभावी मानसून का पूर्वानुमान किया है। नेपाल में गंडक व बागमती नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में अच्छी वर्षा हो रही रही है। इससे जिले में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। निर्देश दिया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी पदाधिकारी सजग रहें। पिछले वर्ष की बाढ़ के अनुभवों से सीख लेते हुए पहले से सभी स्तरों पर आवश्यक व्यवस्थाएं करना सुनिश्चित करें। अपर समाहर्ता ने तैयारियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दी।
तटबंधों का नियमित रूप से करें निरीक्षण
अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तटबंधों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। चिह्नित शरणस्थलों पर बाढ़ प्रभावित परिवारों के आवासन की मूलभूत सुविधाओं का आकलन कर लें। पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। नाव की व्यवस्था पर संतोष जताया। साथ ही कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को बचाने तथा आवागमन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली नावों पर निशुल्क सेवा की पट्टी, भार की क्षमता का अंकन व लाल झंडी अवश्य लगा लें। नावों पर क्षमता से अधिक लोग आवागमन नहीं करें। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में एक नाव की व्यवस्था करें। सामुदायिक किचेन के संचालन के लिए तैयारियां कर लें। आपदा संपूर्ति पोर्टल पर जीआर सूची में नए चिह्नित लाभुक परिवारों को पंचायत बाढ़ अनुश्रवण समिति की अनुशंसा के बाद शामिल करें।





Leave a Reply