पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा कि कहा कि ओलंपिक में भारत ने पहले कैसा प्रदर्शन किया है? हमारी टोक्यो ओलंपिक के लिए अब क्या तैयारी है? ये सब खुद जानें और दूसरों को भी बताएं. मैं आप सब से आग्रह करना चाहता हूं कि आप इस क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा जरूर लीजिए.प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि साथियों, जब बात टोक्यो ओलंपकि की हो रही हो, तो भला मिल्खा सिंह जी जैसे महान एथलीट को कौन भूल सकता है. कुछ दिन पहले ही कोरोना ने उन्हें हमसे छीन लिया.
पीएम मोदी ने कहा कि जब वे अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था. बात करते हुए मैंने उनसे आग्रह किया था कि आपने तो 1964 में टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए इस बार जब हमारे खिलाड़ी ओलंपिक के लिए टोक्यो जा रहे हैं, तो आपको हमारे एथलीट का मनोबल बढ़ाना है, उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मिल्खा सिंह खेल को लेकर इतना समर्पित और भावुक थे कि बीमारी में भी उन्होंने तुरंत ही इसके लिए हामी भर दी लेकिन, दुर्भाग्य से नियति को कुछ और मंजूर था.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे आज भी याद है 2014 में मिल्खा सिंह सूरत आए थे. हम लोगों ने एक नाइट मैराथन का उद्घाटन किया था. उस समय उनसे जो गपशप हुई, खेलों के बारे में जो बात हुई, उससे मुझे भी बहुत प्रेरणा मिली थी. हम सब जानते हैं कि मिल्खा सिंह जी का पूरा परिवार खेल को समर्पित रहा है, भारत का गौरव बढ़ाता रहा है.पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में तो अधिकांश खिलाड़ी छोटे-छोटे शहरों, कस्बों और गांवों से निकल करके आते हैं. साथियों, जब टैलेंट, लगन, दृढ़ संकल्प और स्पोर्ट्समैन स्प्रिट एक साथ मिलते हैं, तब जाकर कोई चैंपियन बनता है.




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