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मोतिहारी व मुजफ्फरपुर के ज़िला शिक्षा पदाधिकारी के वेतन से काटेंगे पांच-पांच हजार रुपये

न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिहारी एवं मुज़फ़्फ़रपुर को अब महंगा पड़ गया है। न्यायालय ने कार्य के प्रति घोर लापरवाही, बालहित के उद्देश्य को नजरअंदाज करने व न्यायालय आदेश की अवमानना करने के लिए दोनों अधिकारियों के वेतन में पांच-पांच हजार कटौती का आदेश दिया है। जिला किशोर न्याय परिषद के पीठासीन पदाधिकारी किशोर कुणाल ने मामले में आदेश की प्रति जिलाधिकारी व जिला कोषागार पदाधिकारी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामला छतौनी थाना कांड संख्या-399/2020 से जुड़ा है जिसमें जांच प्रतिवेदन समय पर नहीं भेजा गया। उक्त कांड के आरोपित किशोर ने अपनी उम्र सत्यापन के लिए मुजफ्फरपुर दाउदनगर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय का प्रमाण पत्र दाखिल किया है।

उक्त प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच के लिए न्यायालय ने मोतिहारी व मुजफ्फरपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी को किशोर द्वारा दाखिल प्रमाणपत्र की कापी भेजते हुए सत्यापन रिपोर्ट तलब की थी। समयावधि बीतने के बावजूद दोनों पदाधिकारियों द्वारा जांच प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने आदेश का अनुपालन समयावधि में नहीं किये जाने को लेकर पदाधिकारी द्वय को दूरसंचार के माध्यम से भी सूचना दी। परंतु पदाधिकारियों ने न्यायालय के आदेश की कोई सुधि नहीं ली। अंततः 17 मार्च को दोनों पदाधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय ने कारण पृच्छा जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जबाब मांगा। बावजूद इसके पदाधिकारियों ने न्यायालीय आदेश का अनुपालन नहीं किया। न्यायालय ने इसे कार्य के प्रति लापरवाही, बालहित को प्रभावित करने व न्यायालय आदेश की अवहेलना मानते हुए दोनों पदाधिकारी के वेतन से पांच पांच हजार रुपए काटने का आदेश दिया है।

शिक्षकों की समस्या को लेकर संघ ने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल बुधवार को स्थानीय परिसदन में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री जमां खान से मिलकर शिक्षकों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री से कहा कि विभाग द्वारा वर्ष 2015 तक ही वेब पोर्टल पर सूची अपलोड करना है। बावजूद उर्दू बंग्ला ,अनुकंपा एवं सक्षम प्राधिकार से नियोजित शिक्षकों के सूची को निगरानी जांच के नाम पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड कर शिक्षकों की सूची अपलोड कर जिले के 508 शिक्षको अकारण परेशान किया जा रहा है। मौके पर पूर्व मंत्री सह प्रदेश अध्यक्ष महिला सुधार वाहिनी डॉ. रंजू गीता, जिला कमिटी से राम बाबू ठाकुर, रंभा झा, मदन झा, सुधीर कुमार, रंजीता कुमारी एवं कमरुद्दीन नदाफ मौजूद थे।

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