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LJP के चाचा-भतीजा वि’वाद में कूदे जेडीयू सांसद, कहा- ‘चिराग ने चाचा की इज्जत नहीं की’

पटना. बिहार (Bihar) की राजनीति में बीते तीन दिनों से सुर्खियां बंटोर रहे एलजेपी (LJP) में चाचा-भतीजा विवाद में जेडीयू (JDU) के नेता भी कूदने लगे हैं. जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू का मामले में बयान आया है. जेडीयू सांसद ने कहा कि चिराग पासवान ने चाचा की इज्जत नहीं की. खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. जबकि चाचा पारस को अध्यक्ष बनाना चाहिए था. असली एलजेपी वही है, जहां सभी पदाधिकारी और नेता हैं और वो पारस जी के साथ हैं. जेडीयू का इस घटनाक्रम में कोई लेना-देना नहीं है.

सुनील कुमार ने कहा कि चिराग पासवान नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ बोलते हुए मर्यादा भूल गए थे. बता दें कि लोक जनशक्ति पार्टी में सियासी खींचतान जारी है. चिराग पासवान ने लोजपा कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक के बाद बगावत करने वाले अपने चाचा पशुपति पारस समेत सभी 5 सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया. चिराग के इस कदम को पशुपति ने अब आड़े हाथों लिया है. पशुपति पारस का कहना है कि किस हैसियत से चिराग ने उन्हें और सांसदों को पार्टी से निकाला? उन्हें पहले नियम की जानकारी होनी चाहिए. पशुपति पारस का कहना है कि उनको पार्टी से निकालने का अधिकार नहीं है.असंवैधानिक थी बैठक

चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए पारस ने कहा कि कार्यसमिति की सूची क्या उनके पास है?  कार्यसमिति की उनकी बैठक असंवैधानिक है. सर्वसम्मति से 17 जून को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा. पशुपति ने दावा किया है कि आंकड़े उनके पक्ष में है. 99 प्रतिशत लोग वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकलाप से नाख़ुश थे. चिराग के फ़ैसले से लोगों में नाराजगी थी. सबकी राय थी कि नेतृत्व परिवर्तन ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि आगे चिराग़ के लिए अभी मौका है. परिवार का बेटा है. काम करें पार्टी में रहे हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है.

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