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Baba Ka Dhaba : ढाबे वाले बाबा के सुख भरे दिन खत्म, बंद हो गया नया रेस्टोरेंट, पुरानी जिंदगी में लौटे

नई दिल्ली. किस्मत कब पलट जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. पिछले साल दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बाबा का ढाबा (Baba Ka Dhaba) चलाने वाले 81 साल के कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी की किस्मत एक वीडियो वायरल होने के बाद बदल गई थी. ट्विटर पर वो टॉप ट्रेंड पर आ गए थे और लोग उनके ढाबे पर खाना खाने के लिए लाइन लगाकर खड़े रहते थे. कई जगहों से उन्हें आर्थिक मदद भी मिली थी. जिससे कांता प्रसाद (Kanta Prasad) ने रेस्टोरेंट खोला था. अब खबर आ रही है कि कांता प्रसाद का ये रेस्टोरेंट लॉकडाउन में बंद हो चुका है. अब कांता प्रसाद वापस अपनी पुरानी जगह लौट आए हैं और बाबा का ढाबा में पहले जैसी ग्राहकों की भीड़ जुटने का इंतजार कर रहे हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाबा का ढाबा चलाने वाले कांता प्रसाद का रेस्टोरेंट फरवरी में बंद हो गया है. लिहाजा वो अब ढाबे पर लौट आए हैं. लेकिन पहले जैसी कमाई नहीं हो रही. बीते साल वीडियो वायरल होने के बाद यहीं से उनकी कमाई में 10 गुना की बढ़ोतरी हो गई थी. बाबा इंटरनेट पर फेमस हो गए थे.

कांता प्रसाद ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के कारण 17 दिनों के लिए अपने पुराने ढाबे को बंद करना पड़ा, इससे बिक्री प्रभावित हुई है. उन्हें फिर से गरीबी का सामना करना पड़ा है. कांता प्रसाद कहते हैं, ‘हमारे ढाबे पर चल रहे कोविड लॉकडाउन के कारण दैनिक फुटफॉल में गिरावट आई है. हमारी दैनिक बिक्री लॉकडाउन से पहले 3,500 रुपये से घटकर अब 1,000 रुपये हो गई है. ये हमारे परिवार के गुजारे के लिए पर्याप्त नहीं है.’

बीते साल बाबा का ढाबा का वीडियो वायरल होने के बाद कांता प्रसाद को कई लाख रुपये की आर्थिक मदद मिली, इससे उन्होंने एक नया रेस्टोरेंट खोला, अपने घर में एक नई मंजिल जोड़ी, अपना पुराना कर्ज चुकाया. खुद के लिए और अपने बच्चों के लिए स्मार्टफोन खरीदे. हालांकि, अब अच्छे दिन बीत गए हैं. बाबा का ढाबा में वर्तमान में चावल, दाल और दो प्रकार की सब्जियां मिल रही हैं.

दिसंबर में बहुत धूमधाम से अपना नया रेस्तरां खोला था

कांता प्रसाद ने दिसंबर में बहुत धूमधाम से अपना नया रेस्टोरेंट खोला था. प्रसाद जहां ढाबे पर रोटियां बनाते थे, वहीं अब रेस्टोरेंट में मॉनिटरिंग करते हैं. जबकि उनकी पत्नी और दो बेटे चमचमाते काउंटर में बैठकर पेमेंट लेते थे. दो रसोइये और वेटर ग्राहकों की सेवा करने में लगे थे. शुरुआती उत्साह के बाद ग्राहकों का आना कम होने लगा और रेस्टोरेंट का खर्चा बढ़ने लगा.

रेस्टोरेंट में 5 लाख का निवेश किया

प्रसाद ने कहा, ‘रेस्टोरेंट में 5 लाख का निवेश किया और तीन लोगों को काम पर रखा था. रेस्टोरेंट का मासिक खर्च लगभग 1 लाख था.35,000 रुपये किराए के तौर पर देने होते थे. 36,000 रुपये में तीन कर्मचारियों की तनख्वाह दी जाती थी. 15,000 राशन, बिजली और पानी के लिए जाता था. हालांकि, औसत मासिक बिक्री कभी 40,000 रुपये से अधिक नहीं हुई. ऐसे में नुकसान हो रहा था. मुझे लगता है कि हमें एक नया रेस्टोरेंट खोलने की गलत सलाह दी गई थी.’

यू-ट्यूबर गौरव वासन की वजह से मिली थी लोकप्रियता

यू-ट्यूबर गौरव वासन ने बाबा का ढाबा को लोकप्रियता दिलाई थी. वासन ने ढाबे वीडियो बनाकर यू-ट्यूब पर डाल दिया था. हालांकि, कांता प्रसाद ने बाद में वासन और उसके सहयोगियों के खिलाफ कथित रूप से दान में मिले पैसे के दुरुपयोग और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि वासन ने जानबूझकर अपना, अपने परिवार और दोस्तों के बैंक अकाउंट शेयर किए थे. आर्थिक मदद के तौर पर मिली रकम में धांधली की गई थी

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