कंकड़बाग के अशोक नगर निवासी अजीत कुमार ने अपने दूसरे ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में छठा स्थान हासिल किया है। वे अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता वीरेंद्र प्रसाद और माता सियामणि देवी के देते हैं। उनके पिता पेशे से एक ऑटो ड्राइवर हैं। अजीत की कहानी बड़ी दिलचस्प है। साल 2012 में कोचिन विवि से बीटेक करने के बाद अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सही करने के लिए वे यूएई चले गए ।
वहां उन्होंने पांच तक एक ऑफ शोर कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम किया, लेकिन सिविल सर्विस में जानें का सपना अपने बचपन से वे कभी भूल नहीं पाए। यही वजह रही कि 2017 में नौकरी छोड़कर एक बार फिक लोक सेवा आयोग की तैयारियों में जुट गए। अजीत बताते हैं कि अपने पहले ही प्रयास में सफलता उनसे सिर्फ सात अंको से पिसल गई। वे कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन के सभी रंगों को देखा है और तनाव झेला है। अब राज्य सरकार के अधिकारी के तौरा पर कम करके आम लोगों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हालांकि इनका लक्ष्य केंद्रीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल करना है।वे लोक सेवा आय़ोग की तैयारी करने वालों को स्मार्ट वर्क, आत्म विश्वास रखने की सलाह देते हैं।





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