बिहार के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन मौ”त के बाद भी सुर्खियों में हैं. विवाद उनकी क’ब्र से जुड़ा है जो दिल्ली के सबसे बड़े कब्रिस्तान में मौजूद है. ये कब्रिस्तान आईटीओ पर स्थित है. ये वही कब्रिस्तान है जहां पहली और दूसरी लहर में कोविड वाले श’वों को द’फनाने के लिए बहुत कम जगह बची थी और इंतजामिया कमेटी लगातार हिदायत देती रही कि लोग कब्र को पक्का ना करें.
राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े कब्रिस्तान में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कब्र को पक्का किया जा रहा था. कब्रिस्तान की कमेटी ने तुरंत संज्ञान लिया और इसे रुकवाने की कोशिश की, पुलिस बुलाई गई. अब निर्माण रूक गया है.
कोरोना के कारण जब मौतें बढ़ने लगी तो इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई. आपको बता दें कि तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे शहाबुद्दीन का कोरोना संक्र’मण के कारण बीते 1 मई को निध’न हुआ था. शहाबुद्दीन के घरवाले श’व को सिवान में पैतृक गांव में दफनाने के लिए ले जाना चाहते थे लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिली और श’व दिल्ली गेट स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया.





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