पिछले दो सप्ताह में भागलपुर जिले में एक दर्जन से ज्यादा बच्चे कोरोना से संक्रमित (CoronaVirus Infection Among Children) हुए हैं। इनकी उम्र चार से 12 वर्ष तक की है। इनमें जगदीशपुर, बिहपुर और कहलगांव प्रखंड के इन बच्चों में दस्त की भी शिकायत थी। कई ऐसे बच्चों की कोरोना जांच (COVID-19 Test) भी नहीं की गई, जिनमें इनके लक्षण थे। इसके अलावा कई बच्चे ऐसे भी मिले, जिनमें कोरोना के सभी लक्षण थे, लेकिन जांच में वे नेगेटिव (COVID-19 Negative) मिले।
अस्पतालों में बच्चों के कोरोना संक्रमण का इलाज
जगदीशपुर के एक ढाई वर्ष के बच्चे को एक जून को सदर अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसे बुखार था और तेज सांस भी चल रही थी। हाथ-पांव में रेशे भी थे। त्वचा सिकुड़ी हुई थी। चिकित्सकों ने कोरोना संक्रमित मानकर उसका इलाज किया। अस्पताल के प्रभारी डॉ. एके मंडल ने बताया कि बाद में उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। कहलगांव और बिहपुर के कई बच्चे भी सदर अस्पताल में एक ही लक्षण के आधार पर भर्ती किए गए थे। उनकी कोरोना जांच नहीं की गई। सदर अस्पताल में तीन नवजात पॉजिटिव भी मिले। उनकी माताएं भी कोरोना संक्रमित थीं।
तीसरी लहर के नवंबर में आने की संभावना
कोरोना के लक्षण के कई बच्चों की जांच की गई, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव मिली। शिशु रोग विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि अस्पताल और क्लीनिक में कई ऐसे बच्चे आए, जिनका कोरोना के लक्षणों के आधार पर इलाज किया गया, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव मिली। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना की तीसरी लहर प्रारंभ नहीं हुई है। अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर से शुरू होगी, जिसमें बच्चे भी संक्रमित हो सकते हैं।
कोरोना नहीं, मौसम भी हो सकता है कारण
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार सिघानियां ने कहा कि अभी जो बच्चे इलाज करवाने आ रहे हैं, उनकी त्वचा सिकुड़ी हुई है और हाथ-पैर में छोटे-छोटे दाने भी मिल रहे हैं। सांस तेज चलने के साथ ही उन्हें पांच दिनों से बुखार भी है। दस्त भी हो रहा है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा मौसम की वजह से भी हो सकता है।
ऐसे के आखिर क्या करें, जानिए
जिनके घर में कोई भी सदस्य कोरोना से संक्रमित हैं, उनसे बच्चों को दूर रखें। घर के सदस्य भी मास्क लगाएं। बच्चों को बाहर के सदस्यों से दूर रखें।





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