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साइकिल गर्ल ज्योति से आज प्रियंका गांधी करेंगी बात, तीन दिन पहले ही हुई थी पिता की मौ’त

दरभंगा. देश भर में साइकिल गर्ल के नाम से मशहूर बिहार की बेटी ज्योति (Cycle Girl Jyoti) से गुरुवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) बात करेंगी. ज्योति से प्रियंका की यह मुलाकात वर्चुअल होगी. प्रियंका गांधी से ज्योति पासवान की बात कराने के लिए कांग्रेस नेता मशकूर अहमद उस्मानी ज्योति पासवान तथा उनके परिवार से मिलने उनके गांव सिरहुल्ली, कमतौल जाएंगे. पिछले साल हुए लॉकडाउन में पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठाकर 1300 किलोमीटर की यात्रा करने और गुड़गांव से दरभंगा लाने वाली ज्योति के पिता मोहन पासवान का तीन दिन पहले ही निधन हुआ था.

पिता की मौत के बाद प्रियंका गांधी की इस बात को काफी अहम माना जा रहा है. साथ ही संभावना जताई जा रही है कि ज्योति के भविष्य के लिए प्रियंका या उनकी पार्टी कोई बड़ा ऐलान कर सकती है. दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुल्ली गांव की 13 साल की ज्योति पिछले साल लॉकडाउन के दौरान अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से 8 दिन का सफर तय कर के दरभंगा पहुंचकर सुर्खियों में आई थीं.ज्योति पासवान के पिता मोहन पासवान के चाचा की मौत 10 दिन पहले हो गई थी. उन्‍हीं के श्राद्ध कर्म के भोज के लिए समाज के लोगों के साथ मोहन पासवान बैठक किए थे. मीटिंग खत्म होने के बाद 3 जून को जब मोहन पासवान खड़े होते ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. ग्रामीणों की मानें तो मोहन पासवान की मौत हृदय गति रुकने से हुई है.विज्ञापन

गौरतलब है कि साल 2020 में लगे कोरोना लॉकडाउन के दौरान अपने बीमार पिता को गुरुग्राम से ज्योति 1300 किलोमीटर साइकिल पर बैठाकर घर लाई थी. उनके इस अदम्‍य साहस ने उन्‍हें देश-विदेश में ख्‍यातनाम कर दिया था. उसके इस साहसिक कदम के लिए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी ने भी ज्योति की तारीफ की थी. इवांका ट्रंप ने कहा था कि इस तरह का साहसिक कार्य भारत की बेटी ही कर सकती है. ज्योति के पिता मोहन पासवान गुरुग्राम में ऑटो चलाकर अपने परिवार पालन-पोषण थे, लेकिन जनवरी 2020 में एक्सीडेंट होने की वजह से उनके पैर में काफी चोट आई थी. एक्सीडेंट की खबर सुनने के बाद ज्योति अपने पिता के पास देखभाल के लिए चली गई. उसी बीच पूरे देश में लॉकडाउन लग गया और उनके समक्ष खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई, जिसके बाद बाद ज्योति ने 400 रुपया में साइकिल खरीद कर अपने पिता को लेकर गुरुग्राम से दरभंगा लौटी थी.

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