MUZAFFARPUR : बिहार में कोरोना काल में भी आपराधिक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बिहार पुलिस अ’पराध पर लगाम कसने के लिए तमाम हथ’कंडे अपना रही है. लापरवाह पुलिसकर्मियों पर लगातार का’र्रवाई भी की जा रही है. ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले का है, जहां एसएसपी जयंत कांत ने 200 से अधिक पुलिसवालों का वेतन रोकने का आदेश दे दिया है.
एसएसपी जयंत कांत ने लंबित केसों के निष्पादन में रुचि नहीं लेने पर इन पुलिसकर्मियों और अफसरों के ऊपर कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि जिन पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्रवाई की गई है, उसमें 9 थानेदार और दारोगा भी शामिल हैं. बेला, साहेबगंज, हथौड़ी, मुशहरी, पीयर, सिकंदरपुर, हत्था, पानापुर, बरियारपुर के थानाध्यक्षों का वेतन रोका गया है.
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर एसएसपी जयंत कांत ने अपराध समीक्षा बैठक में पुलिसवालों को केस निष्पादन का टास्क दिया था. एसएसपी ने सभी जांच अधिकारी को लॉकडाउन अवधि में 10 हजार के पास केसों की संख्या लाने का निर्देश दिया था. इसके लिए विशेष अभियान चलाने को कहा था, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मी लक्ष्य को पूरा नहीं कर सके.
आपको बता दें कि जिले में वर्तमान में करीब 17 हजार मामले लंबित पड़े हैं. सबसे अधिक अहियापुर, नगर और सदर थाने में केसों की संख्या है. पश्चिमी अनुमंडल में कांटी, मोतीपुर और कुढ़नी में काफी संख्या में केस लंबित पड़े हैं. पूर्वी अनुमंडल में सकरा, मीनापुर में सबसे ज्यादा केस लंबित पड़े हैं. केसों का निष्पादन नहीं होने के कारण एसएसपी जयंतकांत ने नौ थानाध्यक्ष समेत 208 पुलिस पदाधिकारियों का वेतन रोक दिया. एसएसपी ने सभी केसों के जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उनके संबंधित मामलों में वरीय पदाधिकारी से प्राप्त निर्देश के अनुसार केसों का निष्पादन कर रिपोर्ट समर्पित करें.


Input : FirstBihar



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