इस बरसात शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने का नगर निगम का वादा बारिश के पानी में डूब गया। शहर में नालियों की सफाई का दावा खोखला साबित हुआ। बुधवार शाम चार बजे हुई आधे घंटे की बारिश में शहर तैरने लगा। बाजार से लेकर गली-मुहल्ले तक टापू बन गए। निचले इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों एवं दुकानों में प्रवेश कर गया। शहर के कई निचले इलाके पहली बार जलजमाव का शिकार हो गए। शहरवासी जलजमाव को देख सहमे हुए हैं। पूर्व वार्ड पार्षद त्रिभुवन राय का कहना है कि जब आधे घंटे की बारिश से शहर का यह हाल है तो चक्रवात यास के कारण पूरे दिन बारिश हुई तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि शहरवासी सहमे हुए हैं। उनको डर है कि अधिक बारिश हुई तो दुकान का सामान बर्बाद हो जाएगा। लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाएगा।
बारिश के कारण मोतीझील, केदारनाथ रोड, कालीबाड़ी रोड, बनारस बैंक चौक रोड, सुतापट्टी, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड, रज्जू साह लेन, मिठनपुरा, आमगोला रोड, बटलर रोड समेत शहर के कई मुहल्लों में जलजमाव हो गया है। जिन मुहल्लों में नालियों की उड़ाही हो चुकी है वहां भी पानी जमा है और जिन मुहल्लों में अभी उड़ाही का काम नहीं हुआ है वहां की स्थिति बहुत खराब है। कालीबाड़ी रोड इसका उदाहरण है।
सबसे खराब स्थिति तो शहर के उन इलाकों की है जहां निर्माण कार्य चल रहा है। मिठनपुरा क्लब रोड, चर्च रोड, चैपमैन स्कूल रोड, खादी भंडार रोड में तो निर्माण कार्य के बीच जलजमाव होने से आवागमन बाधित हो गया है।
वहीं दूसरी ओर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी जलजमाव को दूर करने के लिए नालियों के अवरोध को हटाने में लगातार लगे हैं।





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