- ओडिशा में तबाही मचाने के बाद चक्रवात यास अब बंगाल में तबाही मचा रहा है. हल्दिया में ऊंची लहरों के कारण एक पुल का एक हिस्सा गिर गया है.
- 14:15(IST)
ओडिशा में तबाही मचाने के बाद चक्रवात यास अब बंगाल की तरफ बढ़ रहा है. शाम तक ये बंगाल की तटों से टकराएगा. हालांकि, इससे पहले ही तूफान का असर दिखने लगा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के अधिकतर हिस्से चक्रवात से प्रभावित हुए हैं और इसके कारण बारिश हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लगभग पूरे पश्चिम बंगाल में पानी भर गया है. कई तटबंध टूट गए हैं और समुद्र का पानी दक्षिण 24 परगना के सागर एवं गोसाबा जैसे क्षेत्रों और पूर्व मिदनापुर के मंदारमणि, दीघा और शंकरपुर जैसे तटीय क्षेत्रों में घुस गया है. निचले इलाकों में व्यापक क्षति हुई है.’’ - 13:37(IST)मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘यास’ ओडिशा के बालासोर से 20 किमी दक्षिण में टकरा गया है. इस दौरान 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है. बताया जा रहा है कि अब तूफान पश्चिम बंगाल की तरफ मुड़ गया है.
- 13:08(IST)
चक्रवाती तूफान ‘यास’ ओडिशा तट से टकरा चुका है. पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश जारी है. 130-140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. समंदर से 6 मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं. - 12:37(IST)IMD महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, झारखंड में आज और कल भारी से भारी बारिश हो सकती है. बिहार, सब हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज और कल आइसोलेटेड भारी बारिश से भारी बारिश हो सकती है. असम मेघालय में भी आज आइसोलेटेड भारी बारिश होने की उम्मीद है.
- 12:15(IST)यास चक्रवात का असर बिहार के दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल रहा है और नवादा में भी उसका असर देखने को मिल रहा है. पिछले दिनों से नवादा में लगातार तेज हवा के साथ साथ बादल गरज रहे हैं. रुक-रुक कर हल्की बूंदाबांदी भी हो रही है. मौसम में अचानक परिवर्तन होने से लोगों को राहत महसूस हुई है. दक्षिण बिहार के हिस्से इससे सबसे ज्यादा अगले तीन-चार दिनों में प्रभावित होने वाले हैं. इसको लेकर जिला प्रशासन की तरफ से संयुक्त आदेश भी जारी किया गया है कि लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर ना निकले. डीएम एसपी ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की थी. प्रभावित इलाकों में माइकिंग भी कराई जा रही है.
- 11:43(IST)
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और 2 मीटर से 4.5 मीटर तक लहरें उठ सकती हैं. पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा और हुगली में भी तूफान का असर दिख रहा है. पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में सेना, NDRF और तटरक्षक दल के लोग बचाव अभियान में जुटे. - 11:19(IST) पश्चिम बंगाल में राज्य प्रशासन को सहायता के लिए कुल 17 कॉलम पहले से तैनात कर किए गए हैं:- – नादिया और पश्चिम मिदनापुर में दो कॉलम. – पुरुलिया और वेस्ट बर्धमान में दो कॉलम. – झारग्राम और बकुरा में दो कॉलम. – बीरभूम में एक कॉलम. – हावड़ा और कोलकाता पोर्ट पर दो कॉलम. – उत्तर और दक्षिण 24 परगना में दो कॉलम. – कोलकाता पूर्व, मध्य और पूर्वी मिदनापुर में तीन कॉलम. – कोलकाता दक्षिण के लिए एक कॉलम. – हुगली में एक कॉलम. – बेहाला (कोलकाता) में एक कॉलम.





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