भुवनेश्वर. चक्रवाती तूफान ‘यास’ (Cyclone Yaas) के बुधवार सुबह ओडिशा (Odisha) के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने की आशंका है. इसके आने से पहले ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इससे निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने चक्रवात ‘यास’ के लिए अपनी तैयारियों के तहत ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अब तक की सबसे अधिक टीमों को तैनात किया है. असुरक्षित जगहों से निकालकर उन्हें राहत शिविरों तक ले जाया जा रहा है इसके साथ ही कंट्रोल रूप से हालातों पर नजर रखी जा रही है.
ओडिशा के एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) वाईके जेठवा ने तैयारियों को लेकर जानकारी दी कि ओडिशा के तटीय जिलों में, पुलिस टीमों ने निकासी अभियान तेज कर दिया है. उन्होंने बताया कि अब तक 81,661 लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से निकालकर राहत केंद्रों में भेज दिया है. जेठवा ने कहा कि ऑपरेशन में तेजी लाई जा रही है और शाम तक यह समाप्त हो जाएगा. एडीजी ने कहा कि चक्रवात के बाद राहत और बचाव के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 60 इकाइयों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि ओडिशा राज्य सशस्त्र पुलिस की 55 प्लाटून उनकी सहायता करेगी. इसके साथ ही ODRAF टीमों को उच्च तकनीक वाले उपकरण दिए गए हैं.
वहीं पश्चिम बंगाल में मुंख्यमंत्री ममता बनर्जी भी लगातार कंट्रोल रूम से हालातों पर नजर बनाए हुए हैं. ममता बनर्जी ने मंगलवार को इस तूफान से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया. ममता ने कहा कि मैंने यास तूफान को लेकर सभी जिलाध्यक्षों से बात की है. मैं आज नबन्ना में रहूंगी और नजदीक से स्थिति पर नजर रखूंगी.
कल ओडिशा पहुंच सकता है यास
चक्रवाती तूफान ‘यास’ बुधवार सुबह ओडिशा पहुंच सकता है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉ उमाशंकर दास ने बताया कि भद्रक में धमरा और चांदबाली के बीच चक्रवात के दस्तक देने का अनुमान है.
आईएमडी के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि ‘यास’ के मंगलवार शाम तक बहुत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की और चांदबाली में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है. उन्होंने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के छह घंटे पहले और बाद तक इसका गंभीर असर देखने को मिलेगा.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने पांच राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में तैनाती के लिए कुल 112 टीमों को तैयार किया है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात से इन इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है.
ओडिशा में सबसे अधिक 52 और पश्चिम बंगाल में 45 टीमों को तैनात किया गया है. इनके अलावा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में बाकी टीमों को तैनात किया गया है.





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