लाॅकडाउन व बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन से बिहार में कोरोना मात खा रहा है. यह कहना है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का. उन्होंने कहा कि राज्य में लाॅकडाउन का खासा असर देखने को मिल रहा है. लाॅकडाउन व बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन के कारण संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही है. काफी संख्या में लोग कोरोना को मात देकर अपने घर में स्वस्थ जीवन जी रहे हैं. इतना ही नहीं, स्वास्थ्य विभाग कोरोना और ब्लैैक फंगस जैसी महामारी से निबटने के लिए दीर्घकालीन योजना पर काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि इसके लिए अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ उसे आवश्यक उपकरणों से भी सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में ऐसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का और बेहतर उपचार हो सके. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राज्य में लगभग 4250 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 1150 बाइपैप एवं 750 से अधिक वेंटिलेटर अस्पतालों में उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 वर्ष से अधिक लोगों के वैक्सीनेशन में तेजी लाने के लिए टीका एक्सप्रेस चलाया जा रहा है, जिससे एक दिन में हर वाहन को अधिकतम 200 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है.
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क आरटीपीसीआर जांच के लिए मोबाइल वैन भी भ्रमण कर रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को 24 घंटे में परिणाम मिल सकेगा. पिछले 10 दिनों में संक्रमण दर में भारी गिरावट आयी है. पहले जहां कोरोना मरीजों आंकड़ा प्रतिदिन 15 हजार पार कर गया था, वहीं लाॅकडाउन लगने के बाद मरीजों की संख्या 3 हजार के करीब आ गया है. इसके लिए राज्य की जनता धन्यवाद के पात्र हैं. लोगों ने लाॅकडाउन का पालन कर राज्य को कोरोनामुक्त करने की दिशा में अपनी एकजुटता दिखायी.
उन्होंने कहा कि संक्रमण दर करीब 2 परसेंट पर आ गई है. रिकवरी रेट भी करीब 94 परसेंट पर पहुंच गया है. इसके साथ ही उन्होंने फिर लोगों से अपील की है कि वे सरकार की ओर से लाॅकडाउन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पहले की तरह पालन कर कोरोना को भगाने में सरकार का साथ दें. दो गज की दूरी को जरूरी समझ मुंह पर मास्क अवश्य लगायें, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके. साथ ही पहला डोज ले चुके लोग तय समय पर कोरोना टीका का दूसरा डोज भी अवश्य लें. 18 से अधिक आयु वर्ग के लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में टीका लें, ताकि शरीर में एंटी बाॅडी कोरोना से लड़ने के लिए बन सके.





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