25 मई के बाद आगे क्या (Bihar Lockdown Status Today)? इन दिनों यह बिहार में पूछा जाने वाला सबसे प्रिय सवाल है? इंटरनेट मीडिया की भाषा में कहें तो स्ट्रांग कीवर्ड। बिहार लॉकडाउन (bihar ka lockdown kab khulega)2.0 की समय सीमा 25 मई को समाप्त हो रही है। संक्रमण का दर घटकर 4 फीसद के करीब पहुंच गया है। नए मरीज व एक्टिव मरीज की संख्या तेजी से कम हो रही। रिकवरी रेट बढ़ा है। एमपी समेत कई राज्य अब अनलॉक की योजना पर काम शुरू करने की तैयारी में हैं। इन तथ्यों के आधार पर लॉकडाउन से लगभग ऊब चुके लोग अपने लिए राहत की मांग कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसके आगे बढ़ाए जाने की बात कह रहे हैं। वे इंडिकेटर भी बताते हैं, प्रखंड स्तर पर कम्युनिटी किचन शुरू होना, मोबाइल टेस्टिंग वैन व मोबाइल टीका वैन का गांवों में रवाना किया जाना, मुफ्त राशन वितरण और सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar)की ओर से गांवों को लेकर लगातार चिंता प्रकट किया जाना। इसके बाद ही यह सवाल और बड़ा हो जाता है कि क्या नीतीश सरकार लॉकडाउन में छूट देने का जोखिम लेगी या फिर इसे एक और सप्ताह के लिए आगे बढ़ाकर संक्रमण दर को और काबू में करना चाहेगी? जानते हैं जनता जर्नादन की राय…null
परितोष, कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद आइटी कंपनी के लिए काम करते हैं। अभी वर्क फ्रॉम होम कर रहे। कहते हैं, महिनों गुजर गए, घर से बाहर नहीं निकला। बाहर जाने का बहुत दिल कर रहा, लेकिन अभी जोखिम लेने का समय नहीं है। बहुत कुछ गंवाने के बाद हम संभले हैं। स्थिति फिर से खराब न हो, इसके लिए लॉकडाउन को एक और टर्म के लिए बढ़ाना (extension of lockdown in bihar)ही उचित निर्णय होगा।
ये तो हो गई वर्क फ्रॉम होम वाले की बात। इनके खाते में माह के अंत में पैसे आ जा रहे हैं, किंतु व्यवसाय वाले क्या सोचते हैं? उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के अध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल पोद्दार ने कहा, पूर्ण लॉकडाउन में व्यापार प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है। दुकान लगातार बंद रहने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है। इसलिए वस्त्र, आभूषण व जूते-चप्पल आदि के व्यापारियों को भी एक सीमित समय के लिए दुकान खोलने और कारोबार को संरक्षित करने की अनुमति दी जाए (bihar new lockdown guidelines)। कहा, कोरोना की दूसरी लहर में लॉकडाउन का व्यापारी पूर्ण समर्थन करते हैं और आगे भी अगर अवधि बढ़ी तो सहयोग करेंगे।null
शिक्षण का क्षेत्र। कोरोना और लाॅकडाउन ने तो इसको पूरी तरह से बर्बाद ही कर दिया। खासकर प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में काम करने वालों की हालत तो बेहद खराब है। कहने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की बात कही जा रही है, लेकिन यह व्यावहारिक तौर पर सफल नहीं है। आर्यन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक व्यवस्था से ही दुखी हैं। कहते हैं, यदि सरकार को लॉकडाउन जरूरी लग रहा है तो इसके बाद पुनर्वास भी जरूरी लगना चाहिए, मगर नहीं। पिछली बार भी यही हुआ, इस बार भी ऐसा ही होगा। अब लॉकडाउन हटे या बढ़े (bihar me kab tak lockdown rahega 2021), हम तो बर्बाद हो चुके।
गृहिणी पूजा कुमारी, ऑटो चालक हबीब व दुकानदार सलीम भी लाॅकडाउन की वजह से परेशान हैं, परंतु सुरक्षित भविष्य के लिए लॉकडाउन बढ़ाए जाने पर सहमत भी दिख रहे हैं। अब आज या कल में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की होने वाली बैठक में तय होगा कि लाॅकडाउन को कब तक बढ़ाया जाएगा? यदि इस दौरान राहत देने की बात भी होगी तो किन्हें दी जाएगी और उसका स्वरूप क्या होगा? इस बारे में फैसला हो जाएगा।





Leave a Reply