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तेजस्वी का कोविड केयर सेंटर खारिज / मंगल पाण्डेय ने चिट्ठी लिखकर कहा- आवासीय इलाके में इसकी जरूरत नहीं, हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास में कोविड केयर सेंटर बनाने के प्रस्ताव को बिहार सरकार ने खारिज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आज चिट्ठी लिखकर कहा है कि जहां आप का आवास है, उस जगह पर कोविड केयर सेंटर नहीं बनाया जा सकता है।

पांडेय ने कहा, आपका आवासीय परिसर आवासीय क्षेत्र में अवस्थित है. इसके अतिरिक्त यह जानकारी होनी चाहिए कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। किसी के आवासीय जगह को कोविड केयर सेंटर बनाने की जरूरत नहीं है।

तेजस्वी ने बनवाया है 50 बेड का कोविड केयर सेंटर

बीते बुधवार को ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास में 50 बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित किया है। उन्होंने इसका वीडियो और फोटो जारी कर बिहार सरकार से मांग की है कि इसे चलाने की अनुमति दे। उन्होंने कहा कि वे एक जिम्मेदार विपक्ष हैं और इसलिए अपना सरकारी आवास कोरोना मरीजों की सेवा के लिए देना चाहते हैं।

तेजस्वी को लगातार लिखी जा रही चिट्ठी

तेजस्वी यादव की चिट्ठी के बाद सरकार की तरफ से लगातार चिट्ठी लिखी जा रही है। बिहार सरकार के मंत्री बिजेंद्र यादव के बाद अब स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने तेजस्वी यादव को चिट्ठी लिस्ट कर बिहार में कोरोना को लेकर किए जा रहे उपायों से अवगत कराया है।

मंगल पांडे ने अपनी चिट्ठी में लिखा है:

  • बिहार में कोविड-19 के लिए मरीजों के लिए 165 कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं इसमें 11383 बेड की व्यवस्था की गई है। इसमें से 3359 बेड ऑक्सीजन युक्त है। वही 110 डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर बनाए गए जिसमें 7871 बेड की व्यवस्था की गई है।
  • बिहार के 12 डेडीकेटेड कोविड अस्पताल भी बनाए गए हैं, जिसमें 3774 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड आईसीयू और वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है।
  • RT-PCR, ट्रुनेट और रैपिड एंटीजन कीट के माध्यम से बिहार भर में जांच किया जा रहा है। 1 मार्च 2021 को 35247 जांच की जा रही थी, जो 19 मई 2021 को 1 लाख 40 हजार 70 जांच प्रतिदिन की जा रही है।
  • RT-PCR, ट्रूनेट मशीन से लगभग 32000 जांच प्रतिदिन किया जा रहा है। RT-PCR के जांच को बढ़ाने के लिए पांच मोबाइल बैंक की व्यवस्था की गई है जो आज पहुंच गई है।
  • मार्च 2020 में RT-PCR जांच की सुविधा मात्र पटना में थी लेकिन वर्तमान में RT-PCR लैब की संख्या 20 हो गई है। जिसमें 14 सरकारी लैब और 6 निजी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के लैब शामिल हैं। ट्रुनेट जांच की व्यवस्था सभी जिलों में की गई है।
  • राज्य को अब तक कोविड-19 टीकाकरण के लिए 1 करोड़ 64 हजार 840 खुराक टीका उपलब्ध हुआ है, जिसमें 96 लाख 59 हजार 330 खुराक टीका लोगों को लगाया जा चुका है। 45 साल और इसके ऊपर के लोगों के लिए भारत सरकार की तरफ से 89 लाख 2 हजार 390 डोज उपलब्ध कराया गया था, जिसमें से 86 लाख 42 हजार 330 डोज उपयोग किया जा चुका है।
  • राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधन से 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों के लिए टीका कार्यक्रम 9 मई से शुरू किया गया है। इसमें 11 लाख 62 हजार 450 डोज मिला था, जिसमें 10 लाख 17 हजार लोगों को टीका दिया जा चुका है।

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