BIHARBreaking NewsSHEOHARSTATE

शिवहर : जागरूकता फैला युवा कर रहे कोरोना पर वार

  • कोरोना के खिलाफ आगे आये माधोपुर छाता गांव के युवा, लोगों को कर रहे जागरूक

शिवहर, 20 मई।

कोरोना काल में लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना को दूसरी लहर में लोगों को कोरोना से डर के साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ा है। जिसके कारण लोगों के व्यवहार में भी बदलाव हुआ। हालांकि, अब जिला में दूसरा वेब कमजोर होता दिख रहा है। संक्रमण का प्रसार कम हो रहा है। लेकिन, संक्रमण अभी भी खत्म नहीं है। शिवहर के तरियानी प्रखंड में भी काफी संख्या में कोरोना मरीज मिले हैं। इसे देखते हुए प्रखंड के माधोपुर छाता गांव के कुछ युवा, लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करने में लगे हुए हैं। अपने पंचायत के गांवों में घूम-घूम कर वे गांव के लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा युवा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को सकारात्मक संदेश दे रहे हैं। यह प्रेरणादायी काम कर अमित कुमार, रिशू, चीटू, संजय, छोटू सिंह लोगों के लिए कोरोना वारियर बन गए हैं।

कोरोना को लेकर जागरूक हुए ग्रामीण

अमित ने कहा अप्रैल और मई के महीने में जिला में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से गांव के लोग काफी परेशान हो गए थे। लेकिन हम युवाओं ने कमर कसी और इसका सुखद परिणाम निकला। आज ना सिर्फ गांव कोरोना मुक्त हो गया है, बल्कि लोग इसे लेकर जागरूक भी हो गए हैं। अब गांव से कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के बाहर नहीं निकलते हैं और सामाजिक दूरी का भी पालन करते हैं।

मास्क बांटे, सामाजिक दूरी बनाने की अपील की

जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाने वाले चीटू पटना के एक बैंक में काम करते हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वो अपने गांव आ गए। इसके बाद गांव के साथियों के साथ मिलकर लोगों को कोरोना से जागरूक करने का काम शुरू किया। एक टोली बनाकर पंचायत के अलग-अलग हिस्से में घूमकर लोगों को जागरूक करने लगे। लोगों से हाथ धोने की अपील की। बिना मास्क के बाहर निकले लोगों को मास्क देना शुरू किया और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा। इसका असर भी हुआ। गांव पूरी तरह से कोरोना संक्रमण से मुक्त है।

सावधानी ही कोरोना से बचाव कर सकता

सिविल सर्जन डॉ आरपी सिंह कहते हैं कि जागरूकता और सावधानी ही कोरोना से बचाव कर सकता है। इन अभियानों में युवाओं की भूमिका अहम रही है। लोग उनकी बातों सुनते और समझते हैं। जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ने लगी, बहिष्कार, भ्रांतियों, अफवाहों आदि में कमी देखने को मिली।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.