मुजफ्फरपुर,बिहार ।
ग्रामीण क्षेत्रों में आरटीपीसीआर जांच में तेजी लाने के सरकार के निर्देश के बाद भी कई प्रखंडों में काफी कम सैंपल लिए जा रहे हैं। डीएम प्रणव कुमार ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी काे प्रखंडों में अधिक से अधिक जांच का निर्देश दिया। लेकिन, समीक्षा के दौरान पाया गया कि 8 प्रखंडों में सिर्फ 6 से 63 लोगों तक का ही सैंपल लिए गए। अब डीएम ने सभी 8 प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को 24 घंटे में संतोषजनक उत्तर नहीं देने पर महामारी एक्ट के तहत प्राथमिकी की चेतावनी दी है। डीएम ने सिविल सर्जन और कोरोना कोषांग के नोडल अधिकारी से भी जवाब मांगा है।
दाेनाें का 16 मई का वेतन स्थगित कर दिया गया है।डीएम ने सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी एवं कोरोना जांच कोषांग के प्रभारी डॉ. अमिताभ कुमार सिन्हा को आरटीपीसीआर जांच में शिथिलता बरते जाने की बात कही है। डीएम ने 16 मई को सकरा, सरैया, मड़वन, पारू, बोचहां, साहेबगंज, मोतीपुर और मुशहरी प्रखंडों में नगण्य सैंपल लिए जाने की सूचना दी है। दोनों अधिकारियों से बेहतर मॉनिटरिंग नहीं कर पाने के कारण 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है। सभी 8 चिकित्सा पदाधिकारियों से भी नगण्य सैंपल जांच के लिए 24 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।





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