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बड़ी खबर: बिहार में बढ़ रहा ब्लैक फंगस का खतरा, पटना AIIMS में 20 बेड का वार्ड तैयार, 12 मरीज भर्ती

कोरोनावायरस संक्रमण से उबरे मरीजों को इन दिनों ब्‍लैक फंगस से भी जूझना पड़ रहा है। बिहार की बात करें तो पोस्ट कोविड मरीजों में अब तक ब्लैक फंगस के 25 मामले मिल चुके हैं। ब्‍लैक फंगस के सर्वाधिक 12 मरीज पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में इलाज करा रहे हैं। खतरनाक बात यह है कि मई के अंत तक ब्‍लैक फंगस के 1000 से 1500 तक मामले समाने आ सकते हैं।

पटना AIIMS में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 20 बेड का स्पेशल वार्ड बनाया गया है. वहीं 2 मरीजों को ऑपरेशन से इलाज भी किया गया.इसको लेकर पटना AIIMS में पाटलिपुत्र सांसद रामकृपाल यादव ने AIIMS के निदेशक डॉ पी के सिंह के साथ निदेशक मंडल से मुलाकात की और पटना एम्स में चल रहे कोरोना मरीजों के इलाज का भी हालचाल लिया. इस मौके पर रामकृपाल यादव ने पटना AIIMS के निदेशक से आग्रह किया कि ICU की संख्या 60 से बढ़ाकर 80 किया जाए ताकि आम लोगों को थोड़ी सहूलियत हो और उन्हें ICU मिल सके.

ब्‍लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के नाक, चेहरे, दांत, आंख और सिर में दर्द रहता है. उनके नाक से पानी और खून निकल सकता है. नाक में काली पपड़ी भी जम सकती है. आंखें लाल हो सकतीं हैं, उनमें सूजन हो सकती है। कई मामलों में आंखें बाहर निकल आती हैं तथा रोशनी भी जा सकती है. प्रारम्भिक अवस्था में पहचान हो जाने पर यह संक्रमण दवा के कुछ डोज से ही ठीक हो जाता है. देर होने पर सर्जरी की जरूरत पड़ती है.

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