कोरोना काल में कई लोगों को मरने के बाद दो गज जमीन भी नसीब नहीं हो रही है. बक्सर में गंगा नदी में ला’शें मिली और उसके बाद बिहार और उत्तर प्रदेश प्रशासन आमने-सामने आ गया. उत्तर प्रदेश से ला”शें ब”हकर बिहार की सीमा में प्रवेश ना करे इसको लेकर बक्सर जिला प्रशासन ने बीच गंगा में महाजाल लगा दिया. अब उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने यहां बिहार की ला’शों का अंतिम संस्कार करने पर प्रति”बंध लगा दिया है.
जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो व पूर्व सांसद पप्पू यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ह’मला बोला। बिहार के शव को काशी बनारस में दाह संस्कार नहीं किए जाने के योगी सरकार के फैसले पर पप्पू यादव ने कहा कि क्या ढोंगी योगी श’व जलाने में वन नेशन नहीं रहा। अब लाश का भी आधार कार्ड चाहिए! बेशर्म!
गौरतलब हो कि बड़ौरा बॉर्डर के आस-पास के लोगों ने बताया कि 2 दिनों पहले बिहार के बक्सर में गंगा नदी के महादेव घाट पर एक साथ लगभग 71 लाशें मिली थीं. स्थानीय प्रशासन ने बताया था कि उक्त लाशें उत्तर प्रदेश से बहकर बिहार में आ रही हैं. इसके बाद यूपी के जमानियां स्थित गंगा नदी के तट पर बिहार जाने वाले शवों के दाह संस्कार पर रोक लगाने का फरमान जारी हुआ है.
आपको बता दे कि बता दें कि, कैमूर जिले के रामगढ़, नुआंव एवं मोहनिया प्रखंड के लोग बड़ौरा बॉर्डर पार कर शव को जमनियां ले जाकर अंतिम संस्कार करते हैं. जबकि, भभुआ, चैनपुर, चांद, दुर्गावती आदि के लोग वाराणसी में शवों का दाह संस्कार करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शवों का अंतिम संस्कार प्रथागत तरीके से नहीं हो तो लोगों के अंदर मलाल रह जाता है.






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