बाढ़ और कोरोना महामारी जैसी आपदा में दूसरों को घर-घर जाकर खाना पहुंचाने वाले जाप संरक्षक व पूर्व सांसद पप्पू यादव खुद भूखे हैं। मधेपुरा जिले के कुमारखंड थाना में दर्ज अपहरण के एक मामले में मंगलवार को पूर्व सांसद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मधेपुरा कोर्ट में वर्चुअल पेशी के बाद रात करीब 12. 45 बजे पूर्व सांसद को वीरपुर जेल लाया गया।
जिसके बाद बेल के लिए हाईकोर्ट में शीघ्र सुनवाई के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद पप्पू यादव की याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर जल्दी सुनवाई के लिए याचिका दायर की गई थी। पप्पू यादव के वकील ने इस मामले पर शीघ्र सुनवाई की प्रार्थना की,जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।
मालूम हो कि पप्पू यादव पर वर्ष 1989 के दौरान सूचक शैलेंद्र यादव ने मुरलीगंज थाना में राम कुमार यादव तथा उमाशंकर यादव के अपहरण किए जाने का मामला दर्ज करवाया था। करीब 32 साल पुराने मामले में पटना पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर मधेपुरा पुलिस को सौंपा।जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव पर चल रहे अपहरण के पुराने मामले में आपसी समझौता भी हो चुका था। लेकिन न्यायालय से बहुत पूर्व में ही पप्पू यादव के अनुपस्थित हो जाने पर वारंट निर्गत था। 22 मार्च को वारंट-कुर्की जारी किया गया था।






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