बिहार में कोरोना की लहर के बीच जाप सुप्रीमो पप्पू यादव साक्षात हीरो बन गए हैं. वे महामारी में जान पर खेल कर लोगों की मदद कर रहे थे. ऑक्सीजन सिलेंडर से लेकर राशन-पानी व पैसे तक से वे कोरोना पीड़ितों की मदद कर रहे थे. तीन-चार दिन पहले छिपा कर रखे गए एंबुलेंस को लेकर बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रुडी की पोल खोल दी थी. अब पप्पू यादव के समर्थन में उनकी पत्नी रंजीत रंजन उतर आई हैं.
सुपौल की पूर्व सांसद व कांग्रेस नेत्री रंजीत रंजन ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है. उन पर तंज कसते हुए रंजीत रंजन ने जाप सुप्रीमो पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है. वे काफी गुस्से में हैं. उन्होंने यह भी पूछा है कि लॉकडाउन के उल्लंघन पर गिरफ्तारी का क्या प्रावधान है?
पूर्व सांसद रंजन रंजीत ने ट्वीट कर कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश जी! लॉकडाउन के उल्लंघन में गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है. पप्पू यादव जी को तत्काल रिलीज करें और हम सब मिलकर इस वैश्विक महामारी से लड़े, मानवता को बचाएं! इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी ट्वीट कर पप्पू यादव की गिरफ्तारी का विरोध किया था. हम के मुखिया जीतनराम मांझी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा- ‘कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए, ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है. ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जांच हो, तब ही कोई कारवाई होनी चाहिए. नहीं तो जन आक्रोश होना लाज़मी है.’
दरअसल, जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को आज सुबह मंदिरी स्थित आवास से गांधी मैदान की पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसके पहले उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया था. पुलिस ने पप्पू यादव पर कोरोना गाइडलाइन तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पटना कोतवाली डीएसपी समेत पांच थानों के थानेदार उनके मंदिरी स्थित आवास पर पहुंचे थे. पुलिस को लग रहा था कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी का जबर्दस्त विरोध होगा. वहीं हाउस अरेस्टिंग को लेकर पप्पू ने पुलिस को आश्वासन दिया कि कोरोना के दौर में वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे. उन्होंने इसकी लिखित कॉपी भी कोतवाली डीएसपी को सौंपी. इसके बाद भी गांधी मैदान की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
जिस समय पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया था, उस समय वे अपने समर्थकों के साथ बैठे हुए थे. कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए वे अपने समर्थकों के साथ रणनीति बना रहे थे. किन-किन इलाकों में जाएंगे और किस-किस अस्पताल में जाएंगे, इस पर मंथन चल रहा था. तभी उनके आवास पर पुलिस आ धमकी. गौरतलब है कि पांच दिन पहले यानी 7 मई को पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ सारण पहुंच गए थे और बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के आवास पर ढंक कर रखे गए दर्जनों एंबुलेंस की पोल खोल दी थी. इसके बाद से वे बीजेपी के निशाने पर आ गए थे. लोग एंबुलेंस मामले से ही पप्पू यादव की गिरफ्तारी को जोड़कर देख रहे हैं.






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