करीब दो महीने के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि 24 घंटे में नए संक्रमित मरीजों की संख्या से अधिक ठीक होने वाले लोगों की संख्या है. यह अपने आप में काफी राहत भरी खबर है कि कोरोना मरीजों की रिकवरी रेट में भारी इजाफा हुआ है. मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी आंकड़े पर ध्यान दें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि देश के विभिन्न स्थानों पर लॉकडाउन और सख्ती का परिणाम सामने आया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के ठीक होने के आंकड़े सामने आ रहे हैं.
गौर करें तो मंगलवार को 24 घंटे के भीतर देश भर में नए संक्रमितों के तौर पर 3 लाख 29 हजार 942 लोगों की पहचान की गई. जबकि संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या तीन लाख 56 हजार 042 बताई गई है. इस तरह से देखा जाय तो एक ही दिन में मिलने वाले संक्रमित मरीजों से 26 हजार 100 अधिक लोग महामारी की चपेट से ठीक हो गए. रिकवरी रेट में भी भारी बढोत्तरी दर्ज किया गया है. मंगलवार तक यह 81 फीसदी के आंकड़े को भी पार कर चुकी थी. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक दिन में 30 हजार से भी अधिक नए मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई है.
इससे एक सप्ताह पहले तक देश भर में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह हो चुकी थी. लोगों की असमय मौतें हो रही थीं. ऑक्सीजन का किल्लत खड़ा हो गया था. लोगों के लिए अस्पताल में बेड तक नसीब नहीं हो पा रहा था. दिनों दिन संक्रमण की भयावह होती तस्वीर पर केंद्र एवं राज्य सरकारें चिंतित हो उठी थीं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संक्रमण से बचाव के लिए सिर्फ लॉकडाउन को ही बड़ा हथियार बताया था. जिसके बाद बिहार समेत देश के कई राज्यों में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई. इसी के साथ नए संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी तथा रिकवरी रेट में भारी उछाल आ चुका है.





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