कोरोना से लड़ रहे जिंदगियों और उनके परिजनों को सिर्फ आर्थिक दोहन का ही शिकार नहीं होना पड़ रहा है. इसके साथ-साथ जिंदगी बचाने के जद्दोहन में उनके घर की महिलाओं को अपनी इज्जत तक दांव पर लगानी पड़ जा रही है. ऐसा ही झकझोर देने वाली मानवता को नंगा करती घटना के सामने आने के बाद अस्पताल कर्मचारी को बर्खाश्त कर दिया गया है. कोरोना पेशेंट अपने पति की मौत के बाद भागलपुर की महिला ने अस्पताल कर्मियों का सारा काला चिट्ठा पुलिस के सामने खोलकर रख दिया है. नतीजा, अब अगली कार्रवाई पर पुलिस उतर गई है. कोरोना मरीज पति की इलाज के दौरान महिला के साथ घिनौना खेल सिर्फ एक स्थान पर नहीं हुआ. अपने बीमार पति की जान बचाने की दिशा में माकूल इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही महिला को भागलपुर सहित राजधानी के अस्पताल में भी शर्मशार होना पड़ा है. मामला भागलपुर से जुड़ा है. जिले की महिला अपने पति के साथ नोएडा में रहती थी. कुछ दिन पहले वह भागलपुर आई थी. पति और सास की तबियत खराब होने पर उसने भागलपुर के ग्लोकल अस्पताल में भर्ती कराया था.

अस्पताल में उसके पति और सास के इलाज में भारी उपेक्षा किया गया. पीड़िता ने बताया है कि उसके पति मौत से संघर्ष कर रहे थे और बेहोशी की हालत में थे. इलाज तथा देखरेख मदद की गुहार लगाने पर अस्पताल का कंपाडर ज्योती कुमार ने उसके सास और पति की डूबती आंखों के सामने उसका दुपट्टा खींचना शुरू कर दिया. उसके कमर पर हाथ रखकर लिपटने की कोशिश की. मुस्कराकर कहा कि वह पूरा ख्याल रखेगा. अपने पति और सास की बेहोशी में खामोशी होती आंखों के सामने हो रहे खुद के इस जलालत को महिला बर्दाश्त करती रही. दोनों की सुरक्षा को लेकर भयभीत महिला अस्पताल कंपांडर के बेशर्मी और हैवानियत का विरोध तक नहीं कर पा रही थी.

आरोप है कि अस्पताल की हरकत और उपेक्षा को देखते हुए महिला ने पटना के राजेश्वरी अस्पताल में पति को भर्ती किया. यहां डॉक्टर अखिलेश भी अपनी हैवानियत भरी हरकत से बाज नहीं आया और महिला के साथ छेड़खानी शुरू कर दी. अंत में उपेक्षा के शिकार पति की मौत हो गई तो महिला अब एकदम से टूट गई. अपने साथ हुए ज्यादती और हैवानियत का लेखा-जोखा मीडिया और पुलिस अधिकारियों के समक्ष खोल कर रख दिया. देर रात को पुलिस अधिकारी भारी बल संख्या में भागलपुर अस्पताल में छापेमारी की. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जबकि कर्मचारी ज्योति कुमार के खिलाफ ऐसे संगीन आरोप आने के बाद उसे अस्पताल प्रबंधन ने बरखाश्त कर दिया है.




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