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पटना का IGIMS अबतक नहीं बन पाया कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल, अब सोमवार से बढ़ेंगे बेड

PATNA : कोरोना महामारी के बीच बिहार के लोगों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। पटना के आईजीआईएमएस को सरकार के एलान के हफ्ते भर बाद भी कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल के तौर पर विकसित नहीं किया जा सका है। लेकिन अब खबर यह है कि कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या और ज्यादा बढ़ने वाली है। कोरोना संक्रमित मराजा के लिए आईजीआईएमएस में बेडों की संख्या सोमवार से और बढ़ेगी। अब बेडों की संख्या बढ़कर 345 हो जाएगी। फिलहाल वहां संक्रमितों के लिए 285 बेड हैं। इनमें बड़े लोगों के लिए 220 बेड, बच्चों के लिए ऑक्सीजन बेडों की संख्या 40, गर्भवती महिलाओं के लिए ऑक्सीजन युक्त बेड 20, आईसीयू बेड 55 और बच्चों के लिए आईसीयू बेड पांच तथा हृदय रोगियों के लिए पांच आईसीयू बेड उपलब्ध रहेगी।

IGIMS के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि 345 बेड की सुविधा शनिवार की शाम तक ही शुरू करने की योजना थी, लेकिन तैयारियों में कुछ कमी रह जाने के कारण अब यह सुविधा सोमवार से शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि किडनी की बीमारी से ग्रसित कोविड मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा भी शुरू करने नि की योजना बनाई जा रही है। इसके के अलावा एंजियोग्राफी और के एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी हृदय रोगियों के लिए जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए भी तैयारी की जा रही है। 









मनीष मंडल ने कहा है कि 60 बेडों की सुविधा और बढ़ने से मरीजों को बेड की कमी से लौटने को विवश नहीं होना पड़ेगा। सरकार ने पूरे आईजीआईएमएस को कोविड अस्पताल बनाने का निर्देश दिया है। निर्देश मिलने के एक सप्ताह बीतने के बाद भी आईजीआईएमएस पूरी तरह से कोविड अस्पताल के रूप में काम नहीं कर पा रहा है। वहां अभी तक 285 बेड ही काम कर रहे हैं। आईसीयू में मात्र 55 बेड और उसमें से मात्र 30 बेड पर ही वेंटिलेटर होने से बड़ी संख्या में गंभीर मरीज अब भी बिना इलाज के दम तोड़ रहे हैं।

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