भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि सभी राजनैतिक दल और राजनीतिज्ञ राजनीति को छोड़कर एकाग्रचित्त होकर कोरोना वायरस से लड़ाई की ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिये. न कि क्या होना चाहिए और किसने क्या कहा. विवेक ठाकुर ने कहा चिकित्सा व वैज्ञानिक जगत में आशंका है कि दक्षिण और मध्य भारत के दूसरे कोरोना लहर विस्फोट के बाद पूर्वोत्तर भारत में अगर जो विस्फोट होगा वह वर्तमान से भी ज्यादा गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.
उन्होंने कहा दो दिन पूर्व एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ०एंथोनी फॉसी ने कुछ सलाह दी, वैसी ही सलाह देश के नामी चिकित्सक डॉ०देवी शेट्टी ने भी दिया. यह वक्त ऐसे सुझावों के अनुसरण और क्रियान्वयन का है न कि निंदा और तू-तू मैं-मैं का.
डॉ०फॉसी ने चार प्रमुख सुझाव दिए. पहला – अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन, दूसरा- संक्रमण चेन को तोड़ने के लिए 2-4 हफ्ते का लॉकडाउन, तीसरा- ऑक्सिजन और आईसीयू बेड आधारित फील्ड हॉस्पिटल आवश्यकता अनुसार शीघ्र तैयार करना और चौथा- सभी संसाधनों का ट्रैक, ऑडिट व सप्लाई चाहे वह मानव हो, मटेरियल हो या दवा हो.
सांसद विवेक ठाकुर ने कहा बिहार में भी गांव-गांव तक तैयारी करने की जरुरत है. केरल की तरह जिला सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों तक को सुदृढ़ करना होगा. हमें यह सोचना है कि क्या ऑक्सिजन की सप्लाई और आगे की प्लानिंग प्रयाप्त है? ऑक्सि फ्लो मीटर जिला सदर अस्पताल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में पर्याप्त है? अगर फील्ड हॉस्पिटल बनाना है तो उसके लिये सभी संसाधनों की व्यवस्था क्या है? दवाइयों के सप्लाई और मोनिटरिंग सही से हो रही है? Cryogenic Container की व्यवस्था क्या है, ताकि आवश्यकता से अधिक ऑक्सिजन की जरूरत पड़ने पर दिल्ली जैसा अलॉट होने के बावजूद ट्रांसपोर्ट नहीं हो पाने जेसी स्थिति उत्पन्न न हो.
भाजपा सांसद ने कहा यह वक्त सामूहिक चिंतन का है. डॉ०एंथोनी फॉसी के पहले सुझाव को ध्यान में रखकर भारत के हर राजनैतिक दल को अपने-अपने मतभेदों को ताक पर रख कर, चाहे वे अलग विचारधारा के क्यों न हो अभी अपनी सारी ऊर्जा वायरस से लड़ाई के खिलाफ होनी चाहिए. बिहार में भी हम सभी को इसी का अनुसरण कर तैयारी करनी चाहिए.






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