सदर अस्पताल में महिलाओं के प्रसव के लिए आधुनिक सुविधायुक्त बने मातृ-शिशु अस्पताल (एमसीएच) को खाली करा दिया गया है। अब एक बार फिर महिलाओं का पुराने महिला वार्ड में इलाज होगा। इस नए वार्ड में कोरोना मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ.एएसके चौधरी की अध्यक्षता में बैठक में इस पर सहमति बनी है।
सिविल सर्जन ने बताया कि शुक्रवार से कोविड अस्पताल को पहले चरण में 40 बेड के साथ शुरू किया जाएगा। प्रोटोकॉल के तहत संक्रमित का इलाज करने के लिए पूरी व्यवस्था तैयार है। चिकित्सकों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है। पीएचसी से मेडिसिन विशेषज्ञ की टीम बुलाई जा रही है। कोरोना अस्पताल में 10 से अधिक डॉक्टरों को तैनात किया जाएगा। साथ ही टेक्नीशियन व अन्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
बैंक रोड की ओर खोला रास्ता
कोरोना मरीज को अस्पताल में प्रवेश कराने के लिए बैंक रोड की ओर से रास्ता खोला गया है। इसके लिए सदर अस्पताल की चहारदिवारी तोड़ी गई है ताकि एंबुलेंस आसानी से कोरोना मरीजों को लेकर आ-जा सके। इस परिसर में नन कोविड मरीज की इंट्री नहीं होने दी जाएगी। जांच व उसके बाद इलाज की व्यवस्था एक तरफ रहेगी।
ये किया गया बदलाव
– पुराने वार्ड में महिलाओं का संस्थागत प्रसव व टीकाकरण होगा।
– कोरोना का टीकाकरण एईएस वार्ड के बगल में होगा।
– महिला व कोरोना वार्ड के लिए अलग-अलग जारी किया गया रोस्टर।
– जिसको घर में रहने की जगह नहीं होगी वैसे मरीज अल्पसंख्यक छात्रावास वाले कोविड केयर सेंटर पर रखे जाएंगे।
– सांस लेने में परेशानी होने वाले मरीजों को ग्लोकल अस्पताल में रखा जाएगा। वहां परेशानी बढ़ती है तो उनको एसकेएमसीएच या फिर सदर अस्पताल भेजा जाएगा।




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